सिरोही में राजपूत समाज ने मनाया लहरिया स्नेह मिलन उत्सव
समाज की बहन-बेटियों ने गीतों से सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया
सिरोही जिले के बालदा राजपुरा गांव में राजपूत समाज ने लहरिया स्नेह मिलन उत्सव मनाया, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक लहरिया परिधानों में हिस्सा लिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर सामाजिक कुरीतियों जैसे नशा और दहेज के खिलाफ संदेश दिया गया और स्वस्थ, शिक्षित समाज के लिए संकल्प लिया गया। आयोजन में बहन-बेटियों का सम्मान किया गया और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
सिरोही। सिरोही जिले के बालदा राजपुरा गांव में राजपूत समाज ने लहरिया स्नेह मिलन उत्सव बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस आयोजन में समाज की बहन-बेटियों, बहूओं समेत महिलाओं ने पारंपरिक लहरिया परिधानों में हिस्सा लिया और राजपूती संस्कृति की अनोखी झलक दिखाई।
बालिकाओं ने सुंदर गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे सभी का मन मोह लिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से सामाजिक कुरीतियों जैसे नशा और दहेज की बुराइयों का बहिष्कार करने का संदेश दिया। साथ ही, एक स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारी समाज बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बहन-बेटियों का सम्मान किया गया और उनका उत्साह बढ़ाया गया। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, एकता और सामाजिक जागरूकता बढ़ाते हैं। खासकर नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ने में ये कार्यक्रम अहम भूमिका निभाते हैं।
पूरे आयोजन में राजपूती संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, गीत-संगीत और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा, "ऐसे आयोजन सिर्फ मिलन समारोह नहीं होते।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- लहरिया स्नेह मिलन उत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- यह आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
- कार्यक्रम में महिलाओं का क्या योगदान था?
- महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहने और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजपूती संस्कृति को प्रदर्शित किया।
- इस आयोजन का युवा पीढ़ी पर क्या प्रभाव होता है?
- नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ने में यह कार्यक्रम अहम भूमिका निभाता है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.