जैसलमेर में ईवीएम मशीनों का रैंडमाइजेशन कलेक्टर की देखरेख में
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मशीनों का कंप्यूटर से बंटवारा किया गया
जैसलमेर। जैसलमेर और पोकरण के निकाय चुनावों के लिए वोटिंग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल की देखरेख में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्री सभाकक्ष में ईवीएम मशीनों का रैंडमाइजेशन किया गया। यह प्रक्रिया चुनाव को निष्पक्ष और गड़बड़ी-मुक्त बनाने के लिए अपनाई गई।
राज्य निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर 'ई-सूची' की मदद से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी चंद्रेश कुमार ने मशीनों का कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन किया। जैसे ही बटन दबाया गया, मशीनों के नंबर और उनके बूथ तय हो गए। इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक दलों के नेताओं की निगरानी में किया गया ताकि किसी को शक न रहे।
जैसलमेर नगर परिषद के 44 बूथों के लिए 44 मुख्य मशीनों के साथ 12 अतिरिक्त रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। पोकरण नगर पालिका के 26 बूथों के लिए 26 मुख्य मशीनों के साथ 7 रिजर्व मशीनें तय की गई हैं। ये रिजर्व मशीनें किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत बदली जा सकेंगी ताकि मतदान का काम बाधित न हो।
मशीनों के चयन के दौरान जिले के आला अधिकारी और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी परसाराम सैनी, चुनाव विशेषाधिकारी रोहित वर्मा, जैसलमेर एसडीएम वीरेंद्र सिंह, पोकरण तहसीलदार प्रीतम सिंह और चुनाव सहायक प्रभारी सत्य प्रकाश खत्री उपस्थित थे। भाजपा की तरफ से मनोहर सिंह दामो-दरा और कांग्रेस की तरफ से मनोहर सिंह नरावत ने पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
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