राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता के आरोपों पर जस्टिस संजीव शर्मा ने अपना पक्ष रखा
राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। जोधपुर हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों ने 6 सितंबर तक न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की है।
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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है।
अभियोग और जवाब
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को सीजेआई को तीन गोपनीय पत्र लिखे थे, जिनमें जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज पर आरोप लगाए गए। इन आरोपों में कुप्रबंधन, गलत तरीक़े, भाई-भतीजावाद और पक्षपात शामिल थे। जस्टिस मेहता ने यह भी कहा कि कुछ मामलों को बिना ठोस वजह दूसरी बेंचों से वापस लेकर उनकी सुनवाई दूसरी खंडपीठ को भेज दी गई।
न्यायिक कार्य बहिष्कार और सुनवाई
31 अगस्त को जोधपुर हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों ने 6 सितंबर तक न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की। इसके बाद वकीलों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट रूम के बाहर प्रदर्शन किया। 5 सितंबर तक सुनवाई से खुद को अलग करने की घोषणा भी की गई। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। 7 सितंबर से जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा जोधपुर हाईकोर्ट में स्पेशल अपील, रिट याचिका और टैक्स से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे।
जस्टिस शर्मा की न्यायिक भूमिका
जस्टिस एसपी शर्मा की खंडपीठ जयपुर में रामगढ़ बांध समेत प्रदेश के जल स्रोतों के संरक्षण और जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है। 13 अगस्त को रामगढ़ बांध मामले में उन्होंने अतिक्रमणकारियों को 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। इसके अलावा हाथी गांव में हाथियों के संरक्षण, लुप्त होते ऊंटों के संरक्षण और द्रव्यवती नदी समेत अन्य मामलों की भी सुनवाई उनकी खंडपीठ कर रही है। उनका कार्यकाल 26 सितंबर तक है।
न्याय के सिद्धांत का सम्मान करते हुए सीजेआई के निर्णय तक मीडिया को धैर्य रखना चाहिए।
संजीव प्रकाश शर्मा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट
उन्होंने अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रख दिया है और जस्टिस संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों का साक्ष्यों के साथ जवाब दिया है।
संजीव प्रकाश शर्मा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट
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