राहुवास में डिग्गी कल्याणजी महाराज की प्रथम पदयात्रा रवाना
समाजबंधुओं ने जोधपुरिया धाम के लिए भव्य पूजा-अर्चना के साथ यात्रा शुरू की
राहुवास में डिग्गी कल्याणजी महाराज की प्रथम पदयात्रा जय श्री नरसिंह भगवान भक्त मंडल मांच के तहत रवाना हुई, जिसमें गांव के पंच-पटेल, युवा और महिलाएं शामिल रहीं। यह पदयात्रा टोंक जिले के जोधपुरिया धाम के लिए निकली है, जहां 16 सितंबर को भगवान देवनारायण के दरबार में ध्वज अर्पित किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की और शाम को मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ।
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राहुवास। राहुवास में रविवार को डिग्गी कल्याणजी महाराज की प्रथम पदयात्रा भक्तिमय माहौल में रवाना हुई। जय श्री नरसिंह भगवान भक्त मंडल मांच के तत्वाधान में रथ की पूजा के बाद गांव के पंच-पटेल, युवा साथी और महिलाएं हरी झंडी दिखाकर यात्रा को विदा किया।
पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए डिग्गी कल्याणजी महाराज के दर्शन के लिए निकले। गांव में उत्साह का माहौल रहा और सुरेश मांच, रामकेश, धर्मसिंह, राधामोहन, लक्खी, मोहरसिंह, बच्चू, आलोक, सरपंच हनुमान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
गांव के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। महिलाएं और पुरुष भजनों पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़े।
सिकंदर गुर्जर ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी अलावड़ा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में सुबह 9 बजे समाजबंधुओं ने ध्वज पताका की विधिवत पूजा-अर्चना की।
ध्वज पदयात्रा टोंक जिले के प्रसिद्ध जोधपुरिया धाम के लिए रवाना हुई, जहां 16 सितंबर को भगवान देवनारायण के दरबार में ध्वज अर्पित किया जाएगा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और आपसी भाईचारे की मनौती मांगी। डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों के साथ पदयात्रा आगे बढ़ी।
राजन सिंह गुर्जर, विवेक गुर्जर, लवकुश गुर्जर, रामलखन गुर्जर और रामसिंह गुर्जर का माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मान किया गया।
रात तक मंदिर परिसर में भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह गुर्जर, सचिव महाराज सिंह, कोषाध्यक्ष दौलतीराम गुर्जर समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान सुख-समृद्धि, शांति और भाईचारे की मनौती मांगी।
- ध्वज पूजा कहां और कब हुई?
- अलावड़ा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास देवनारायण मंदिर परिसर में सुबह 9 बजे पूजा-अर्चना हुई।
- पदयात्रा में किन प्रमुख स्थानीय व्यक्तियों ने भाग लिया?
- सरपंच हनुमान, सुरेश मांच, रामकेश, धर्मसिंह, राधामोहन आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
- भजन संध्या का आयोजन कैसे हुआ?
- मंदिर परिसर में स्थानीय गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें विकास समिति के सदस्य भी मौजूद थे।
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