फलोदी के बापिणी में पंचपीर मेहोजी महाराज का मेला लगा
राजस्थान समेत आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
फलोदी के बापिणी में पंचपीर लोकदेवता श्री मेहोजी महाराज का मेला भाद्रपद और माघ मास की कृष्ण पक्ष नवमी को आयोजित किया गया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और प्रशासन ने सुरक्षा, पानी, बिजली, पार्किंग समेत सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखा। पुलिस ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखी।
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फलोदी। फलोदी के बापिणी में रविवार को पंचपीर लोकदेवता श्री मेहोजी महाराज का मेला लगा। यह मेला साल में दो बार भाद्रपद और माघ मास की कृष्ण पक्ष नवमी को आयोजित होता है और मांगलियाव क्षेत्र का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है।
सुबह मंदिर के गादीपति अनोपसिंह ने मुख्य आरती कर मेले की शुरुआत की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में हिस्सा लिया और श्री मेहोजी महाराज के दर्शन कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। भक्त पैदल चलकर डीजे की धुनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे।
मेले में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रुकने की व्यवस्था की गई थी ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। प्रशासन और मेला कमेटी ने पानी, बिजली, छाया, पार्किंग और सुरक्षा समेत कई व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा।
मतोड़ा थाना पुलिस का बल भी मेले में तैनात था। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर नजर रखी और यातायात व्यवस्था को ठीक रखने में मदद की। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास का इलाका श्रद्धालुओं से भरा रहा। श्री मेहोजी महाराज के जयकारों से पूरा माहौल गूंजता रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मेले की शुरुआत कैसे हुई?
- सुबह मंदिर के गादीपति अनोपसिंह ने मुख्य आरती करके मेले की शुरुआत की।
- भक्त मेले में किस प्रकार पहुंचे?
- भक्त पैदल चलकर डीजे की धुनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे।
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