ओवैसी-बेनीवाल ने जयपुर में साझा सभा कर तीसरे विकल्प की राजनीति मजबूत की
नगर निगम चुनाव में गठबंधन ने भाजपा-कांग्रेस को चुनौती देने का संदेश दिया
जयपुर में एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और आरएलपी के हनुमान बेनीवाल ने निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ तीसरे राजनीतिक विकल्प को मजबूत करने की बात की। दोनों नेताओं ने एक साथ मतदान की अपील की और भविष्य में विधानसभा चुनाव में भी सहयोग की संभावनाओं का संकेत दिया।
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जयपुर। जयपुर में नगर निगम के वार्ड 146 में आयोजित सभा में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भाजपा और कांग्रेस के सामने तीसरे राजनीतिक विकल्प को मजबूती देने का दावा किया। दोनों नेताओं ने मतदाताओं से 11 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव में अपने-अपने दलों के पक्ष में मतदान की अपील की।
सभा में ओवैसी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चली आ रही दो ध्रुवीय राजनीति के सामने तीसरे विकल्प की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान की राजनीति लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन अब जनता के सामने तीसरा राजनीतिक विकल्प खड़ा किया जा रहा है।’’ उन्होंने 11 सितंबर के निकाय चुनाव को मतदाताओं के लिए ‘‘इतिहास का इम्तिहान’’ बताया और एआईएमआईएम प्रत्याशी के समर्थन में वोट करने की अपील की।
ओवैसी ने भाजपा पर हिंदू-मुस्लिम तनाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने शिक्षा, सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी उठाया। वहीं, हनुमान बेनीवाल ने गठबंधन को राजस्थान की राजनीति में नई शुरुआत करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं है, बल्कि जनता के बुनियादी मुद्दों को लेकर भी फैसला करने का मौका है।’’
बेनीवाल ने सरकार पर पेपर लीक, किसानों, अग्निवीर योजना और युवाओं के रोजगार जैसे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवाओं और किसानों से जुड़े सवालों को लेकर गठबंधन आगे भी संघर्ष करेगा। दोनों नेताओं ने संकेत दिया कि निकाय चुनाव में साथ आने के बाद यह राजनीतिक तालमेल भविष्य की बड़ी चुनावी लड़ाइयों में भी दिखाई देगा। खासतौर पर विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के साथ आने की संभावनाओं ने राजस्थान की राजनीति में तीसरे विकल्प की बहस तेज कर दी है।
सभा में हनुमान बेनीवाल देरी से पहुंचे, जबकि ओवैसी पहले ही एआईएमआईएम प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। बेनीवाल के आने के बाद दोनों ने साथ मिलकर मतदाताओं को संबोधित किया। इस गठबंधन को पारंपरिक भाजपा-कांग्रेस मुकाबले को चुनौती देने की कोशिश माना जा रहा है। हालांकि, चुनावी असर निकाय चुनाव के नतीजों से तय होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ओवैसी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
- ओवैसी ने भाजपा पर हिंदू-मुस्लिम तनाव की राजनीति करने का आरोप लगाया।
- हनुमान बेनीवाल ने किन मुद्दों पर सवाल उठाए?
- बेनीवाल ने पेपर लीक, किसानों, अग्निवीर योजना और युवाओं के रोजगार जैसे सवाल उठाए।
- गठबंधन के भविष्य की क्या संभावनाएं हैं?
- दोनों नेताओं ने संकेत दिए कि यह तालमेल विधानसभा चुनाव सहित भविष्य में भी दिखेगा।
- निकाय चुनाव के नतीजों का क्या महत्व है?
- चुनाव का असली असर निकाय चुनाव के परिणामों से ही स्पष्ट होगा।
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