सांसद कंगना रनौत ने मंडी में विकास कार्यों में लापरवाही पर जताया रोष
11 करोड़ रुपये के फंड में से आधा पैसा अभी भी बिना इस्तेमाल पड़ा है, अधिकारियों को सख्त चेतावनी
मंडी से सांसद कंगना रनौत ने विकास कार्यों में लापरवाही और सांसद निधि के अव्यवहार को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को फंड के सही उपयोग और लंबित परियोजनाओं की शीघ्र पूर्ति के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सांसद ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती और फंड के अटके होने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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एक नज़र में
- मंडी की सांसद कंगना रनौत ने विकास कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया।
- लगभग 11 करोड़ रुपये के फंड में से आधा पैसा अभी तक बिना उपयोग के पड़ा है।
- सांसद ने अधिकारियों को जनता के विकास कार्यों में किसी भी लापरवाही के प्रति चेतावनी दी।
- उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की पारदर्शी लिस्ट और एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए।
- कंगना ने कहा कि मंडी के विकास पर पूरे देश की नजर है और प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सांसद कंगना रनौत ने विकास कार्यों में क्या कहा?
- उन्होंने विकास कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को जनता के पैसे की सही वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- मंडी में कितने फंड का आधा हिस्सा बिना उपयोग के पड़ा है?
- लगभग 11 करोड़ रुपये के फंड में से आधा पैसा अभी तक बिना उपयोग के पड़ा है।
- सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?
- उन्होंने कहा कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कामकाज की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
- विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सांसद ने अधिकारियों से क्या अपेक्षा जताई?
- उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल खानापूर्ति न करें बल्कि पिछली बैठकों के निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट भी लाएं।
- कंगना रनौत ने विकास कार्यों के वित्तीय मामले में क्या कहा?
- उन्होंने साफ किया कि बजट स्वीकृत कराना सांसद का काम है, लेकिन खर्च प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
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मंडी में सांसद कंगना रनौत ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि लगभग 11 करोड़ रुपये के फंड में से आधा पैसा अभी भी बिना इस्तेमाल के पड़ा हुआ है। सांसद ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडी के जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक में सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने पूछा कि जब काम ही नहीं करना है, तो यह बैठकों का ढकोसला किसलिए किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि कुछ लोग सरकारी राशि लेकर बैठ गए हैं और काम तक शुरू नहीं किया गया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे तत्वों पर दबाव बनाकर जनता के एक-एक पैसे की तुरंत रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
कंगना रनौत ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर हमारी जग हंसाई हो रही है और दफ्तरों में बैठकर अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। मेरे कार्यालय से जाने वाले पत्रों और निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता।" उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यदि उन्हें एक दिन के लिए भी प्रशासनिक काम संभालने का अवसर मिले, तो वे एक ही दिन में इन लंबित फाइलों का निपटारा करके दिखा सकती हैं।
बैठक के दौरान सांसद ने लंबित विकास योजनाओं और सांसद निधि के उपयोग में हो रही देरी पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने अधिकारियों की सुस्ती पर तंज कसते हुए कहा कि एक्टिंग के मामले में तो अधिकारी उनसे भी आगे निकल चुके हैं। सांसद निधि के खर्च न होने पर उन्होंने कहा, "यह एक ब्लडी जोक बन गया है। इस लापरवाही के कारण नेशनल मीडिया में मेरा मजाक उड़ाया जाता है और मैं वहां कुछ बोल भी नहीं पाती।" कंगना ने स्पष्ट किया कि सांसद का काम केंद्र से बजट और फंड स्वीकृत कराना होता है, जबकि उसे धरातल पर खर्च करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की होती है।
सांसद ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को खड़ा कर उनसे सांसद निधि के खर्च को लेकर जवाब-तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे बैठकों में केवल खानापूर्ति के लिए न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट भी साथ लाएं। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाने से बदलाव नहीं आएगा, जब तक उन्हें जमीन पर सही तरीके से लागू न किया जाए।
सरकारी फंड के अटके होने पर सांसद ने स्थिति साफ करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 40%, 50%, 60% और 80% तक पूरे हो चुके विकास कार्यों की अलग-अलग पारदर्शी लिस्ट तैयार की जाए। हर लंबित परियोजना को पूरा करने के लिए स्पष्ट टाइम-लाइन और एक्शन प्लान बनाया जाए। सांसद ने कहा कि जब तक अटका हुआ पैसा वास्तव में सरकारी खाते में वापस न आ जाए, तब तक कागजी कार्रवाई को पूरा न माना जाए।
कंगना रनौत ने जोर देकर कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। ऐसे में किसी भी विभाग की प्रशासनिक लापरवाही से गलत संदेश नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आगे भी हर विभाग के कामकाज की इसी तरह निष्पक्ष जांच की जाएगी। जहां भी अधिकारियों या कर्मचारियों के स्तर पर ढिलाई पाई जाएगी, वहां सीधी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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