उत्तर भारत में भारी बारिश से जन जीवन प्रभावित, 12 मौतें
उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बाढ़ का खतरा जारी
उत्तर भारत में मानसून के आखिरी दौर में भारी बारिश और बाढ़ ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है, जिससे 12 लोगों की मौत हो चुकी है। कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, सड़कों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में स्थिति के और बिगड़ने की चेतावनी दी है।
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उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून के आखिरी दौर में भारी बारिश और बाढ़ से जन जीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड में नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार पहुंच गया है, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त पानी निकालने के लिए चैनल खोलने पड़े। राज्य में 172 सड़कें बंद हैं और नैनीताल, बागेश्वर व देहरादून में ऑरेंज अलर्ट जारी है। पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं। हल्द्वानी के चित्रशिला घाट पर गौला नदी के तेज बहाव में अंतिम संस्कार के लिए लाए गए शव और जलती चिताएं बह गईं। कुमाऊं मंडल में 141 सड़कें भूस्खलन और जलभराव से अवरुद्ध हैं।
मौसम विभाग ने 3 सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है। अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने सभी सरकारी-निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने का आदेश दिया है।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल पानी में डूब गए हैं, जबकि 36 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 12 घंटों में और मजबूत होकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश व उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।
बिहार में गंगा, पुनपुन समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। राजधानी पटना के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भागलपुर में गंगा के कटाव के कारण करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर नदी में समा गया है। रोहतास जिले के मांझर कुंड में तेज बहाव के बीच फंसे दो युवकों को दो घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।
उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ के कारण हालात बिगड़ गए हैं। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। बलिया में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सीतापुर में तेज बारिश के दौरान दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि गाजीपुर में गंगा में नहाते समय दो नाबालिग बालिकाएं बह गईं।
मौसम विभाग ने 3 से 8 सितंबर के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना के गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। बेगूसराय के शाम्हो-सूर्यगढ़ा सड़क पर पानी आ जाने से संपर्क टूट गया है। खगड़िया में बाढ़ के पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में गंगा उफनाई हुई है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में तेज बारिश की संभावना जताई है। बिहार में बाढ़ के खतरे को लेकर आपदा प्रबंधन ने लोगों से नदी, घाट और तटबंधों से दूर रहने का निर्देश दिया है। नालंदा, रोहतास, खगड़िया समेत पांच जिलों में बारिश हुई। पटना समेत कई जिलों में काले बादल छाए थे, लेकिन दिन में धूप निकल आई। कैमूर जिला 36.1 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 32 से 38 डिग्री के बीच बना रहेगा।
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