बिहार में 6 करोड़ लोगों की घर पर स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शुरू
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने व्यापक जांच अभियान का शुभारंभ किया
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को छह करोड़ लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का अभियान शुरू किया, जो घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर केंद्रित है। इस अभियान के तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ता उच्च रक्तचाप, कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग करेंगी और गंभीर बीमारियों पर स्वास्थ्य केंद्रों या बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
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बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को छह करोड़ लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का अभियान शुरू किया। यह सेवा घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और डिजिटल रिकॉर्ड बनाने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।
स्वास्थ्य जांच का विस्तार
इस अभियान के तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ता लोगों के घर जाकर उच्च रक्तचाप, कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियों की पहचान के लिए स्वास्थ्य सर्वे और स्क्रीनिंग करेंगी। गंभीर बीमारी पाए जाने पर मरीज को स्वास्थ्य केंद्र या बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों तक पहुंचकर उनकी जांच करेंगी। स्क्रीनिंग के माध्यम से बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल जांच कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का पूरा रिकॉर्ड तैयार करना है। इसके लिए सभी लाभार्थियों को आभा आईडी से जोड़ा जाएगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। इससे पता चलेगा कि कितने लोगों को बीपी, शुगर, कैंसर या अन्य रोग हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बहाली जारी रहेगी और जिला अस्पतालों में उपचार की सुविधा बढ़ाई जा रही है। अब 36 प्रकार के उपचार व ऑपरेशन उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ाकर 45 तक ले जाने का प्रयास है। आईसीयू की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण
नर्सिंग कालेजों के विस्तार और बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार की बहनों को एएनएम, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें विश्व स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित देशों की भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा ताकि मिशन कायाकल्प के तहत गांवों के अस्पतालों में किसी भी स्तर की दिक्कत को ठीक किया जा सके।
अभियान का उद्देश्य और निगरानी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस अभियान की मॉनिटरिंग करें। अभियान का मकसद स्वस्थ परिवार बनाना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और बिहार को समृद्ध बनाने के लक्ष्य से जुड़ा है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि इस अभियान के जरिए घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज हो सके। जागरूकता रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है।
स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा
सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
रक्षाबंधन से पहले बिहार में सात हजार से अधिक नर्सों की नियुक्ति की गई है
सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
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