वाराणसी में आयुष्मान कार्ड के नाम पर फर्जी वीडियो वायरल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना को बताया फर्जी
वाराणसी में आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर कार्ड बनाने का दावा किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इसे भ्रामक बताया और लोगों से अनधिकृत नंबर या एप पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। वहीं, मध्य प्रदेश के अशोकनगर से गिरफ्तार फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह राजपूत के मामले में भी पुलिस जांच कर रही है।
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वाराणसी जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक मोबाइल नंबर दिखाया जा रहा है, जिस पर ओटीपी भेजकर चैटबोट एप से कार्ड बनाने का दावा किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।
डॉ. एनपी सिंह ने कहा, "आयुष्मान कार्ड से संबंधित फर्जी वीडियो एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित किया जा रहा है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ऐसी कोई अधिकृत प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है। कोई भी व्यक्ति अनधिकृत मोबाइल नंबर, व्यक्ति या एप के साथ ओटीपी, आधार संबंधी जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण साझा न करें।
डॉ. सिंह ने बताया कि ऐसी जानकारी साझा करने से साइबर धोखाधड़ी एवं व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड एवं योजना से संबंधित सही जानकारी के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, योजना में सूचीबद्ध चिकित्सालय या मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर से गिरफ्तार फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह राजपूत के मामले में भी नए खुलासे हो रहे हैं। तृप्ति सिंह ने प्रशासनिक महकमे की फर्जी धाक दिखाकर कई लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे थे। वह किराये की गाड़ी पर नेम प्लेट लगाकर चलती थी और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एआई से बनी तस्वीरें और वीडियो शेयर करती थी।
पुलिस ने बताया कि तृप्ति सिंह राजपूत सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण करती थी और खुद को आईएएस अधिकारी बताकर स्थानीय थाने से प्रोटोकॉल लेती थी। वीडियो में वह सरकारी दफ्तर में कर्मचारियों से उनके सरकारी कामकाज के बारे में जानकारी लेती नजर आ रही है। तृप्ति ने अयोध्या नगर थाना प्रभारी को बताया था कि वह गोविंदपुरा की एसडीएम है।
पुलिस ने कहा कि बागसेवनिया पुलिस एक बार फिर तृप्ति सिंह की रिमांड ले सकती है और फर्जी निरीक्षण तथा सरकारी दफ्तरों के बारे में पूछताछ करेगी। जांच में फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं, जिसमें सिविल सेवा परीक्षा-2025 की फाइनल चयन सूची में छेड़छाड़ कर नमन गोयल का नाम हटाकर अपना नाम एडिट किया गया था। इतना ही नहीं, 13 अप्रैल को गोविंदपुरा एसडीएम के पद पर फर्जी पदस्थापना का दावा भी किया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या आयुष्मान भारत योजना के तहत मोबाइल ऐप से कार्ड बनता है?
- डॉ. एनपी सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई अधिकृत मोबाइल ऐप या चैटबोट सेवा उपलब्ध नहीं है।
- फर्जी वीडियो में क्या खतरा छुपा है?
- साइबर धोखाधड़ी और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग का खतरा है।
- सही जानकारी के लिए कहां संपर्क किया जाना चाहिए?
- निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, योजना में सूचीबद्ध चिकित्सालय या मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।
- तृप्ति सिंह राजपूत ने किस प्रकार अपना फर्जीवाड़ा किया?
- उसने किराये की गाड़ी पर नेम प्लेट लगाकर चलती थी और सोशल मीडिया पर एआई निर्मित तस्वीरें पोस्ट करती थी।
- तृप्ति सिंह ने कौन सा फर्जी दस्तावेज भी बनाया?
- सिविल सेवा परीक्षा-2025 की फाइनल चयन सूची में नाम छेड़छाड़ कर खुद का नाम शामिल किया था।
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