ईओयू ने संजीव मुखिया और बेटे को रिमांड पर लिया
2017 के नीट पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने पूछताछ शुरू की
आर्थिक अपराध इकाई ने 2017 के नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया और उनके बेटे डॉ. शिव को रिमांड पर लिया है। इनसे पूछताछ के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, और आगे की जांच जारी है।
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आर्थिक अपराध इकाई ने 2017 के नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया और उनके बेटे डॉ. शिव को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। पटना के पत्रकार नगर थाने में दर्ज इस मामले की जांच पिछले साल जून में ईओयू ने संभाली थी।
सात मई 2017 को नीट परीक्षा शुरू होने से पहले संजीव मुखिया और उनके बेटे को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय दोनों एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र ले जा रहे वाहन में सील तोड़कर पेपर निकालते पकड़े गए थे। इस मामले में अब तक 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईओयू ने संजीव मुखिया से पूछताछ के दौरान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि इन जानकारियों की सत्यापन प्रक्रिया जारी है और कांड के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी।
संजीव मुखिया को हाल ही में नीट 2024 पेपर लीक मामले में जमानत मिली है, लेकिन ईओयू ने उन्हें 2024 में बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के तीन पेपर लीक कांड में भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का निर्णय लिया है। उनके बेटे डॉ. शिव को भी इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
पटना के पत्रकार नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 224/2017 के तहत यह मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार संजीव मुखिया के गिरोह पर बैंकों से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहन के चालक के साथ सांठगांठ करने का आरोप है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया था।
इस बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पेपर लीक मामले में भी आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सचिव कृष्ण कुमार चंद्रवंशी के घर समेत रायपुर जोन के सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है।
सुबह करीब छह बजे तीन गाड़ियों में सवार होकर भिलाई-3 की विश्व बैंक कॉलोनी स्थित चंद्रवंशी के निवास पहुंचे ईडी के जवानों ने सुरक्षा कड़ी कर दी। मकान के बाहर सीआरपीएफ और पुलिस बल की तैनाती की गई और आवाजाही पर रोक लगा दी गई। टीम कागजात, डिजिटल सबूत और अन्य सामग्री की जांच कर रही है।
ईडी ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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