हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का विवाद जारी, ठेकेदारों ने पुराने कर्मियों को काम से रोका
फतेहाबाद-रतिया में हड़ताल के बाद भी ठेकेदारों ने पुराने कर्मचारियों को काम पर लेने से किया इंकार
हरियाणा के फतेहाबाद और रतिया में ठेकेदारों ने पुराने सफाई कर्मचारियों को काम पर लेने से इनकार कर दिया है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कर्मचारी डीएमसी कार्यालय पर धरना दे रहे हैं और आंदोलन कड़ा करने की चेतावनी दे रहे हैं। प्रदेश में 37 दिनों की हड़ताल के बाद भी स्थानीय विवाद जारी है।
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अंबाला। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद भी फतेहाबाद और रतिया में ठेकेदारों ने पुराने कर्मचारियों को काम पर लेने से इंकार कर दिया है। इसके कारण शहरों में सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है और कर्मचारी डीएमसी कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। नेता ओमप्रकाश ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन कड़ा किया जाएगा।
फतेहाबाद और रतिया में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखा है। ठेकेदारों ने पुराने कर्मचारियों को काम पर लेने से मना कर दिया है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। डीएमसी प्रवीण कुमार ने बर्खास्त और निलंबित कर्मचारियों को काम पर लौटने के आदेश दिए थे और नई एजेंसी सोमवार से कार्य शुरू करेगी। कर्मचारियों ने तुरंत काम पर लौटने की घोषणा की थी, लेकिन ठेकेदारों ने उन्हें काम से रोका।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विजय ढाका और सचिव वीरू रत्ती को बर्खास्त किया गया है, जबकि महिला कर्मचारी किरण को निलंबित किया गया है। कर्मचारियों ने डीएमसी कार्यालय पर सुबह छह बजे से धरना शुरू कर दिया है और कड़ा रोष जताया जा रहा है। टिप्पर चालकों को चाबी नहीं दी गई, जिससे सफाई कार्य ठप है।
प्रदेश में 37 दिन तक चली हड़ताल के बाद हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की 16 मांगें मान ली थीं। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के उप-प्रधान सेवाराम बोहत ने बताया कि कर्मचारियों ने काम पर लौटकर सफाई व्यवस्था संभाल ली है। मांगों में अनुबंध प्रणाली समाप्त करना और नियमितीकरण शामिल था। सरकार ने पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रति माह जोखिम भत्ता देने का निर्णय लिया है, जो संबंधित नगरपालिका के फंड से दिया जाएगा।
हालांकि, फतेहाबाद और रतिया में विवाद जारी है क्योंकि ठेकेदार पुराने कर्मचारियों को काम पर लेने से इंकार कर रहे हैं। नेता ओमप्रकाश ने कहा, "पहले के कर्मचारियों को फिर से काम पर नहीं लिया गया तो फिर से कड़ा आंदोलन किया जाएगा।" कर्मचारी संघ ने सभी राजनीतिक पार्टियों और मीडिया का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है।
प्रदेश स्तर पर हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह गतिरोध सफाई व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। डीएमसी ने आश्वासन दिया है कि नई एजेंसी में पहले वाली एजेंसी के कर्मचारी समायोजित किए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों की कौन-कौन सी मांगें मानी?
- मांगों में अनुबंध प्रणाली समाप्त करना और नियमितीकरण शामिल था, जो कर्मचारियों की स्थायी नौकरी की मांग को दर्शाता है।
- क्या हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पूरी तरह से खत्म हो गई है?
- प्रदेश स्तर पर हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन फतेहाबाद और रतिया में विवाद अभी भी जारी है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- ठेकेदारों और कर्मचारियों के बीच मुख्य विवाद क्या है?
- ठेकेदार पुराने कर्मचारियों को काम पर लेने से इंकार कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों ने पहले काम पर लौटने की घोषणा की थी।
- सरकार ने सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ते के लिए क्या व्यवस्था की है?
- रोजगार के अतिरिक्त, यह भत्ता संबंधित नगरपालिका के फंड से दिया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रशासन की भागीदारी स्पष्ट होती है।
- सफाई कर्मचारियों ने डीएमसी कार्यालय पर कब धरना शुरू किया?
- कर्मचारी सुबह छह बजे से धरना दे रहे हैं, जो उनके विरोध की तीव्रता को दर्शाता है।
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