आमेर में तीन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला
परिसीमन के बाद वार्ड घटे, सड़क और जलभराव प्रमुख मुद्दे बने
आमेर विधानसभा के निगम क्षेत्र में परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या घटकर तीन रह गई है, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। मुख्य चुनावी मुद्दों में सड़क की खराब स्थिति, जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की कमी शामिल हैं। साथ ही, निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी दोनों प्रमुख दलों को चुनौती दी है।
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जयपुर। आमेर विधानसभा के निगम क्षेत्र में इस बार चुनावी समीकरण बदले हैं। परिसीमन के बाद चार वार्डों की संख्या घटकर तीन रह गई है, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। मुख्य मुद्दे सड़क की खराब हालत, बारिश में जलभराव और कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी हैं।
2020 में आमेर क्षेत्र के चार निगम वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने दो-दो सीटें जीती थीं। अब परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या घटकर तीन हो गई है। वार्ड 148 सामान्य, 149 ओबीसी और 150 एसटी श्रेणी में आरक्षित हैं।
वार्ड 149 और 150 में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। क्षेत्र के लोगों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश पूनिया की हार के बाद उनकी सक्रियता कम होने का आरोप लगाया है।
चुनावी मुद्दों में मुख्य रूप से सड़क की खराब स्थिति, बारिश के दौरान जलभराव और कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी शामिल हैं। कांग्रेस विधायक प्रशांत शर्मा पर टिकट वितरण में भेदभाव और पैसे लेकर टिकट देने के आरोपों से पार्टी में नाराजगी की चर्चा है।
23 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों को निर्दलीयों और बागियों ने चुनौती दी है। इन वार्डों में दोनों दलों के प्रत्याशियों से ज्यादा निर्दलीय मैदान में हैं। लगभग 40 फीसदी वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के लिए निर्दलीय चुनौती बने हैं।
निर्दलीय अपने जाति समीकरण और संपर्कों से दोनों प्रमुख दलों को चुनौती दे रहे हैं। इन्हें राष्ट्रीय लोकदल का समर्थन मिल रहा है। आरएलडी नेता और दो बार के विधायक डॉ. सुभाष गर्ग सक्रिय हैं।
भाजपा में मेयर पद की उम्मीद रखने वाले कुछ प्रत्याशी भी निर्दलीयों को मुकाबले में लाने की कवायद कर रहे हैं। कांग्रेस का इस बार पूरा फोकस एससी और मुस्लिम बहुल वार्डों पर है। पार्टी ने सांसद भजनलाल जाटव, संजना जाटव और पूर्व मंत्री जाहिदा खान की सभाएं कराई हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पिछले चुनाव में आमेर के वार्डों की स्थिति क्या थी?
- 2020 में आमेर के चार निगम वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने दो-दो सीटें जीती थीं।
- निर्दलीय उम्मीदवारों को किसका समर्थन मिल रहा है?
- निर्दलीय उम्मीदवारों को राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) का समर्थन मिल रहा है।
- कांग्रेस पार्टी में किस विषय को लेकर नाराजगी है?
- कांग्रेस में टिकट वितरण में भेदभाव और पैसे लेकर टिकट देने के आरोपों से नाराजगी है।
- कांग्रेस का इस चुनाव में फोकस किस पर है?
- कांग्रेस ने इस बार एससी और मुस्लिम बहुल वार्डों पर पूरा फोकस किया है।
- भाजपा प्रत्याशी सतीश पूनिया की हार के बाद क्या समस्या उठी है?
- स्थानीय लोगों ने उनकी सक्रियता कम होने का आरोप लगाया है।
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