भीलवाड़ा में साध्वी मीरां बाई की तपोस्थली पर भजन संध्या और मेला
भादवा दूज पर भजन संध्या, रविवार को हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे
भीलवाड़ा के कजोड़िया धाम में भादवा दूज के अवसर पर भजन संध्या और मेला आयोजित किया गया, जहां हजारों श्रद्धालु साध्वी मीरां बाई की तपोस्थली के दर्शन करने पहुंचे। यह धाम मेवाड़ क्षेत्र की धार्मिक स्थल है, जिसमें स्थानीय लोग और दूरदराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु आते हैं, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
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भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र में स्थित कजोड़िया धाम में भादवा दूज के अवसर पर शनिवार को विशाल भजन संध्या होगी। रविवार को मेले में हजारों श्रद्धालु, खासकर महिलाएं, साध्वी मीरां बाई की तपोस्थली के दर्शन करेंगी और बाबा रामदेवजी महाराज से सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
कजोड़िया धाम मेवाड़ अंचल की प्रसिद्ध साध्वी मीरां बाई की तपोस्थली है। टोंक जिले के लैण गांव में ठाकुर रूप सिंह राजावत के घर जन्मीं कृष्ण कुंवर बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन थीं। उनका विवाह कजोड़िया निवासी मोहन सिंह राठौड़ से हुआ। वर्ष 1982 में पति के निधन के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर पूरी तरह कृष्ण भक्ति को समर्पित हो गईं और साध्वी मीरां बाई के नाम से प्रसिद्ध हुईं।
राजस्थान के नागौर और कोटा जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नियमित रूप से यहां आते हैं। मंदिर सेवा समिति धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है, सदस्य रामजी महाराज ने बताया।
कजोड़िया धाम की धार्मिक महत्ता के बावजूद श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस धाम के विकास और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- साध्वी मीरां बाई कौन थीं?
- साध्वी मीरां बाई का जन्म टोंक जिले के लैण गांव में हुआ था और वे भगवान श्रीकृष्ण की प्रबल भक्त थीं।
- कजोड़िया धाम की भौगोलिक और धार्मिक महत्ता क्या है?
- कजोड़िया धाम मेवाड़ अंचल में स्थित है और यह दूर-दराज के नागौर और कोटा जैसे इलाकों से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
- भजन संध्या और मेले में कौन-कौन भाग लेता है?
- भजन संध्या और मेले में खासकर महिलाएं बड़ी संख्या में साध्वी मीरां बाई के तपोस्थली के दर्शन के लिए आती हैं।
- श्री कजोड़िया धाम में क्या समस्याएं हैं?
- श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण परेशानी होती है और स्थानीय लोग प्रशासन से सुधार की मांग करते हैं।
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