बेरा गांव के कच्चे रास्ते बारिश में बदहाल, आवागमन मुश्किल
सरिस्का क्षेत्र में आने से वन विभाग की अनुमति बाधा, ग्रामीणों को राहत की मांग
अलवर जिले के बेरा गांव में बारिश के कारण कच्चे रास्तों की स्थिति खराब हो गई है, जिससे आवागमन में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्तों की मरम्मत और पानी निकासी जैसी सुविधाओं में सुधार की मांग की है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं मिला है।
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अलवर। अलवर जिले के बेरा गांव में बारिश के बाद कच्चे रास्तों की हालत खराब हो गई है। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है।
बेरा गांव सरिस्का वन क्षेत्र में आने के कारण यहां पक्की सड़क निर्माण के लिए वन विभाग की अनुमति सहित कई प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। इस वजह से लंबे समय से रास्तों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बारिश के बाद गांव के कई कच्चे रास्तों में पानी जमा हो जाता है, जिससे कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। इससे आवागमन में दिक्कत होती है और कई बार लोगों को रास्ता बदलकर जाना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने का खतरा रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं होता, प्रशासन को रास्तों पर मिट्टी और ग्रेवल डालकर उन्हें चलने लायक बनाना चाहिए। इसके अलावा पानी निकासी, बिजली-पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं में भी सुधार की जरूरत है।
पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की भी शिकायत ग्रामीणों ने की है। उन्होंने बताया कि पहले भी इस समस्या को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है।
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