गादिया में आरोग्य सखियों को स्वास्थ्य और आयुर्वेद प्रशिक्षण
आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत औषधीय पौधों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई
झालावाड़ के गादिया गांव में आरोग्य सखियों और छात्रों को आयुर्वेद और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में औषधीय पौधों की पहचान, ब्लड प्रेशर और शुगर जांच, तथा घरेलू औषधीय मसालों के उपयोग से जुड़ी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और आयुर्वेद को प्रवर्धित करना है।
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झालावाड़। झालावाड़ के गादिया गांव में आरोग्य सखियों और छात्रों को स्वास्थ्य और आयुर्वेद का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण आदर्श आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत आयोजित हुआ। इसमें औषधीय पौधों के महत्व और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया गया।
आदर्श आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने आरोग्य सखियों और छात्रों को औषधालय परिसर में बने हर्बल गार्डन का दौरा कराया। उन्होंने अलग-अलग औषधीय पौधों की पहचान, उनके गुण और घर पर उनके सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण में ब्लड प्रेशर मापने, शुगर की जांच करने और इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के तरीके भी सिखाए गए। साथ ही रसोई में आसानी से मिलने वाले हल्दी, जीरा, अजवाइन, सौंफ, अदरक और लहसुन जैसे मसालों के औषधीय गुणों और सही इस्तेमाल के बारे में बताया गया।
डॉ. शर्मा ने कहा, "हमारे आसपास कई ऐसे पौधे हैं जिनका आयुर्वेद में खास महत्व है।" उन्होंने जोर दिया कि आयुर्वेद हमारी पुरानी चिकित्सा परंपरा का अहम हिस्सा है और इसका मकसद सिर्फ बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आरोग्य सखियां गांव में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अगर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आयुर्वेद, औषधीय पौधों और सुरक्षित घरेलू उपायों की जानकारी होगी, तो वे ग्रामीण परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर तरीके से प्रेरित कर पाएंगी।
प्रशिक्षण का मुख्य जोर आरोग्य सखियों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने और इसकी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने पर रहा। ग्रामीण इलाकों में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय पौधों की जानकारी देकर आयुर्वेद को हर व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आरोग्य सखियों का क्या किरदार है?
- वे गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
- प्रशिक्षण में रसोई में मिलने वाले मसालों का क्या महत्व बताया गया?
- हल्दी, जीरा, अजवाइन, सौंफ, अदरक और लहसुन के औषधीय गुण और सही उपयोग सिखाए गए।
- आयुर्वेद का उद्देश्य क्या है?
- यह बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
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