नेपाल में 11वें दिन 60 वर्षीय महिला और चीनी नागरिक बचाए गए
हाइड्रोपावर सुरंग और मकान के मलबे से दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल में हुए बाढ़ और हिमस्खलन के 11वें दिन राहत कार्य जारी हैं, जिसमें एक चीनी नागरिक और एक 60 वर्षीय महिला को सुरंग और मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। नेपाल में अब तक 1344 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 13,100 से अधिक लोग बचाए गए हैं, जबकि तिब्बत में 21 लोगों की मृत्यु हुई है। प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल-चीन व्यापार बंद हो गया है, जिससे नेपाल की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है।
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रॉयटर। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमस्खलन के 11वें दिन राहत कार्य जारी है। शनिवार को हाइड्रोपावर परियोजना की 225 मीटर गहरी सुरंग से एक चीनी नागरिक और मकान के मलबे से 60 वर्षीय महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर ढहने के बाद आई बाढ़ में अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलों और सड़कों के बहने से जमीनी संपर्क कट गया है, इसलिए 20 हेलिकॉप्टरों के जरिये लोगों की खोज और बचाव किया जा रहा है। नेपाल सेना ने शनिवार को बताया कि अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की 'आदित टनल 4' नामक 225 मीटर गहरी सुरंग से लु हाईताओ नाम के चीनी नागरिक को दक्षिण कोरिया के दल की मदद से सुरक्षित निकाला गया। वह यहां से निकाले गए तीसरे व्यक्ति हैं, जबकि 900 से अधिक लोग परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, लु हाईताओ को शरीर पर चोट नहीं लगी है और उसकी स्थिति स्थिर है। नेपाल सेना की ओर से जारी फुटेज में उसे हेलिकॉप्टर में आपात चिकित्सा दी जाती देखी गई, बाद में उसे आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नुवाकोट जिले के बिदुर कस्बे के बेत्रावती इलाके में चंदिका कुमारी श्रेष्ठ को उसके चार मंजिला मकान की सबसे ऊपरी मंजिल में मलबे से बाहर निकाला गया। महिला के परिवार ने कई दिनों तक न मिलने पर उसे मृत मानकर सांकेतिक अंतिम संस्कार कर दिया था। नेपाल सेना की तस्वीर में महिला की कीचड़ से लथपथ हालत देखी गई। नेपाल में अब तक 13,100 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है।
तिब्बत में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 500 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल में 85 बच्चों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। चितवन जिले से सबसे ज्यादा 360 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से केवल 98 शव स्वजनों को सौंपे जा सके हैं। 1030 शवों को अस्थायी तौर पर दफनाया गया है क्योंकि अस्पतालों में उन्हें सुरक्षित रखने की जगह नहीं बची है। डीएनए जांच के लिए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
चीन-नेपाल के बीच जमीनी व्यापार का प्रमुख केंद्र ग्यिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह हो चुका है। इससे नेपाल की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है। भारत के भू-रणनीतिकार ब्रह्मा चेलानी के अनुसार, इस मार्ग के ठप होने से काठमांडू को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए भारत पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा। ग्यिरोंग बंद होने से चीनी सामानों की कमी और महंगाई का दबाव बढ़ा है। यहां ट्रकों की आवाजाही, माल की चेकिंग, क्लियरेंस और स्टोरेज के लिए बड़े ड्राई पोर्ट और गोदाम थे। व्यापारिक गतिविधियां बहाल करने के लिए लाखों टन मलबा साफ करना, पहाड़ी रास्तों को स्थिर करना, झीलों के खतरे को कम करना और पुलों का पुनर्निर्माण करना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या निकाले गए चीनी नागरिक की स्थिति कैसी है?
- लु हाईताओ को शरीर पर चोट नहीं लगी और उसकी स्थिति स्थिर है।
- नेपाल में बाढ़ के कारण बच्चों की क्या स्थिति है?
- नेपाल में अब तक 85 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है।
- नेपाल में अभी कितने लोग सुरंगों में फंसे हो सकते हैं?
- अधिक अधिकारी अनुमानित रूप से 900 से अधिक लोग सुरंगों में फंसे हो सकते हैं।
- ग्यिरोंग पोर्ट के बाढ़ से नुकसान का नेपाल की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
- हालांकि ग्यिरोंग पोर्ट बंद है, नेपाल अब अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए भारत पर ज्यादा निर्भर होगा।
- मलबे या शवों के प्रबंधन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
- अस्थायी तौर पर 1030 शवों को दफनाया गया और डीएनए जांच के लिए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
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