6 सितंबर 2026 का पंचांग: भाद्रपद कृष्ण दशमी, सिद्धि योग और राहुकाल
आज मिथुन राशि में चंद्रमा, सुबह 09:10 से लाभ-उन्नति मुहूर्त, शाम 05:03 से राहुकाल
6 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण दशमी तिथि है और आज सिद्धि योग का दिन है, जिसमें किए गए कार्य सफल होते हैं। राहुकाल शाम 05:03 से 06:37 तक रहेगा और पश्चिम की यात्रा वर्जित है। रविवार व्रत वाले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य मंत्र का जप करें तथा दिनभर उपवास रखें।
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6 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण दशमी तिथि है और आज सिद्धि योग का दिन है, जिसमें किए गए कार्य सफल होते हैं। मिथुन राशि में चंद्रमा रहेगा और दिन में लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 09:10 से 10:45 तक है।
आज का पंचांग बताता है कि सुबह 08:41 से भद्रा लग रही है, जिसका वास स्वर्ग में है। राहुकाल शाम 05:03 से 06:37 तक रहेगा। पश्चिम की यात्रा आज वर्जित है, लेकिन अत्यावश्यक होने पर दिशाशूल के उपाय करके बाहर जाना चाहिए।
रविवार व्रत वाले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों और सूर्य मंत्र का जाप तथा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। दिनभर उपवास रखें, फलाहार, जल और दूध का सेवन करें। शाम को मीठा भोजन करें, लेकिन नमक का सेवन वर्जित है। पिता की सेवा और सम्मान आज सूर्य के शुभ प्रभाव के लिए आवश्यक है।
आज की तिथि दशमी 07:29 बजे तक रहेगी, उसके बाद एकादशी शुरू होगी। आर्द्रा नक्षत्र 07:52 बजे तक रहेगा। आज का करण वणिज 08:41 बजे तक और विष्टि 07:29 बजे तक रहेगा, उसके बाद बव होगा। योग सिद्धि 09:45 बजे तक रहेगा। आज का पक्ष कृष्ण है और दिन रविवार है।
सूर्योदय सुबह 06:01 बजे और सूर्यास्त शाम 06:37 बजे होगा। चंद्रोदय आज मध्यरात्रि 01:40 बजे और चंद्रास्त कल दोपहर 03:09 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:30 से 05:16 बजे तक रहेगा, उसके बाद अमृत काल 10:33 से 12:03 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02:25 से 03:16 बजे तक रहेगा, जबकि निशिता मुहूर्त देर रात 11:57 से मध्यरात्रि 12:42 बजे तक रहेगा।
पिछले 3 सितंबर 2026 के पंचांग में दी गई ज्योतिषीय जानकारी के बाद आज का पंचांग नई ज्योतिषीय सूचनाओं के साथ प्रस्तुत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भद्रा अवधि कब है और इसका क्या स्थान बताया गया है?
- भद्रा सुबह 08:41 से लग रही है और इसका वास स्वर्ग में बताया गया है।
- राहुकाल में यात्रा के लिए क्या सावधानियां बताई गई हैं?
- पश्चिम दिशा की यात्रा वर्जित है, परंतु अत्यावश्यक होने पर दिशाशूल के उपाय करके जाना चाहिए।
- रविवार व्रत के दौरान क्या करना चाहिए?
- ब्रहम मुहूर्त में स्नान, सूर्य मंत्र जाप, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और दिनभर फलाहार, जल एवं दूध का सेवन करें।
- आज की तिथि और नक्षत्र में होने वाले बदलाव कब होते हैं?
- दशमी 07:29 बजे तक रहेगी, उसके बाद एकादशी शुरू होगी। आर्द्रा नक्षत्र 07:52 बजे तक रहेगा।
- विजय मुहूर्त और निशिता मुहूर्त के समय क्या हैं?
- विजय मुहूर्त दोपहर 02:25 से 03:16 बजे तक और निशिता मुहूर्त रात 11:57 से मध्यरात्रि 12:42 बजे तक रहेगा।
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