चीन ने तिब्बत में झील टूटने पर लेवल-4 अलर्ट जारी किया
20 लाख घन मीटर पानी वाली झील में बढ़ता जलस्तर, तीन दिन में 30 लाख तक पहुंचने का खतरा
चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा के पास अवरोधक झील के टूटने के खतरे को देखते हुए लेवल-4 अलर्ट जारी किया है और राहत एवं बचाव अभियान के लिए सैटेलाइट और ड्रोन तैनात किए हैं। जल प्रवाह के अगले तीन दिनों में बढ़ने की आशंका के मद्देनजर स्थानीय अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा के पास अवरोधक झील के टूटने को लेकर लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। झील में 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है और लगातार बारिश के कारण अगले तीन दिनों में यह 30 लाख घन मीटर तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पर्व पर इस संकट को आत्मनिर्भरता और विश्वास का प्रतीक बताया।
अवरोधक झील और खतरा
अवरोधक झील वह जलाशय है जो प्राकृतिक रुकावट से नदी के मार्ग को बंद करने पर बनता है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की है। मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों को झील और बारिश की स्थिति पर सतर्क रहने, मौसम और जल प्रवाह के पूर्वानुमान को बेहतर बनाने तथा जोखिम का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश के कारण अगले तीन दिनों में झील में पानी का प्रवाह करीब 30 लाख घन मीटर तक पहुंचने की आशंका है। इससे गिरोंग पोर्ट और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हो सकता है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक झील में 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। चीन ने तिब्बत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान के लिए सैटेलाइट और ड्रोन तैनात किए हैं। ड्रोन की मदद से प्रभावित क्षेत्र का वास्तविक समय में 3डी मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे नियंत्रण केंद्र को स्थिति समझने में मदद मिलती है।
बचाव कार्य और रोक
चीन की सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के मुताबिक, बचाव दलों को झील से करीब एक किलोमीटर दूर हटने का आदेश दिया गया है। नेपाल सेना ने चेतावनी मिलने के बाद अगले डेढ़ घंटे के लिए बचाव कार्य रोक दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, झील के खतरे के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।
सरकारी इंजीनियरिंग एवं बचाव कंपनी की आठ सदस्यीय टीम संचार और खोज उपकरणों के साथ गिरोंग काउंटी पहुंची है। टीम नदी के ऊपरी हिस्से में जमा मलबे को हटाने से पहले झील से पैदा हुए खतरे को नियंत्रित करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण और राहत कार्य में लगे सभी वाहनों और बचाव दलों को सुरक्षित स्थानों पर वापस बुला लिया गया है।
रक्षाबंधन केवल रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैयोगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
पानी का स्तर बढ़ने वाला है, इसलिए सभी को रोका जा रहा हैचौधरी, नेपाल पुलिस अधिकारी
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