यूएस ओपन में खिलाड़ी परेशान, गांजे की तेज गंध से मैच रुका
विश्व नंबर-1 अर्याना सबालेंका ने मैच के दौरान अंपायर से की शिकायत
यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को स्टेडियम में गांजे की तेज गंध से परेशानी हुई, जिससे मैच कुछ समय के लिए रुका। विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी अर्याना सबालेंका ने इस गंध की शिकायत की, जिसके बाद अधिकारियों ने स्टाफ को स्थिति संभालने के लिए निर्देश दिया। अमेरिका में 21 वर्ष से ऊपर के लिए गांजा कानूनी है, लेकिन स्टेडियम के अंदर धूम्रपान प्रतिबंधित है।
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टेनिस के प्रमुख टूर्नामेंट यूएस ओपन में खिलाड़ियों को स्टेडियम में गांजे की तेज गंध से परेशानी हो रही है। विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी अर्याना सबालेंका ने तीसरे दौर के मैच के दौरान इस गंध की शिकायत की और मैच को रोकना पड़ा।
यूएस ओपन के लुई आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान सबालेंका को दर्शकों के बीच से गांजे की तेज गंध महसूस हुई। जब वह साउथ एंड की तरफ से सर्विस कर रही थीं, तब उन्होंने चेयर अंपायर ईवा अस्देराकी-मूर को बताया कि कोई दर्शक गांजा पी रहा है और उसकी गंध कोर्ट तक पहुंच रही है। अस्देराकी-मूर ने तुरंत टूर्नामेंट अधिकारियों से संपर्क किया और स्टाफ को सतर्क करने का निर्देश दिया।
यूएस ओपन टीम के सदस्य स्टैंड में गंध के स्रोत का पता लगाने गए। हालांकि, मैच ज्यादा देर तक रुका नहीं और सबालेंका फिर से खेलने के लिए तैयार हो गईं। उन्होंने कामिला राखिमोवा को 6-3, 6-4 से हराकर चौथे दौर में प्रवेश किया।
इस टूर्नामेंट में गांजे की गंध पहले भी खिलाड़ियों के लिए समस्या बन चुकी है। अमेरिका में 21 साल से ऊपर के व्यस्कों के लिए गांजा स्मोक करना कानूनी है, लेकिन स्टेडियम के अंदर धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है। पार्क के आस-पास से आने वाली गांजे की गंध खिलाड़ियों को प्रभावित कर रही है।
अर्याना सबालेंका ने कहा, "क्या आप उन्हें इस बारे में कुछ करेंगे, क्योंकि इसकी गंध बेहद स्ट्रॉन्ग है।" अंपायर ने शिकायत के बाद स्टाफ को बुलाया और स्थिति को संभाला।
इससे पहले भी एड्रियन मन्नारिनो ने टूर्नामेंट के दौरान गांजे की गंध को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी। सबालेंका के खेल पर इस घटना का ज्यादा असर नहीं पड़ा।
डिजिटल पत्रकारिता में दस साल से सक्रिय विशेषज्ञ जितेंद्र कुमार के अनुसार, यह समस्या यूएस ओपन में लगातार बढ़ रही है और इसे लेकर अधिकारियों को कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
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