टाटा मोटर्स से नया ऑर्डर, ऑटोलाइन का शेयर 16% बढ़ा
ऑटोलाइन को टाटा मोटर्स से एसयूवी कंपोनेंट सप्लाई का नया ऑर्डर मिला
ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स से एसयूवी सेगमेंट के लिए नया कंपोनेंट ऑर्डर मिला, जिससे बीएसई पर कंपनी का शेयर 15.97% बढ़कर ₹98.49 हो गया। इस ऑर्डर के तहत, ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज इंटरनल कम्बशन इंजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल दोनों मॉडल के लिए कंपोनेंट्स बनाएगी।
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ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स से एसयूवी सेगमेंट के लिए नया कंपोनेंट ऑर्डर मिला है। इस खबर के बाद गुरुवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 15.97% बढ़कर ₹98.49 तक पहुंच गया। कंपनी को इस नए कारोबार से हर साल करीब ₹100 करोड़ की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंज को बताया कि यह ऑर्डर इंटरनल कम्बशन इंजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल दोनों मॉडल के लिए कंपोनेंट्स बनाएगा। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर शिवाजी अखड़े ने कहा कि यह बिजनेस अवॉर्ड कंपनी की इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं की मजबूती और टाटा मोटर्स के साथ भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने बताया, "हमारा ध्यान क्वालिटी, लागत, डिलीवरी और क्षमता की तैयारी के मामले में अनुशासन के साथ प्रोग्राम को पूरा करने पर है। यह ऑर्डर टाटा मोटर्स के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों, शेयरधारकों, कर्मचारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए लंबे समय तक चलने वाली वैल्यू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मार्च में ऑटोलाइन का शेयर ₹48.41 पर था, जो अब ₹98.49 तक पहुंच गया है। अगर तेजी जारी रहती है तो भाव नए उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए शीट मेटल कंपोनेंट्स, असेंबली और सब-असेंबली बनाती है और 3,000 से अधिक प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। इसके पास 9 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं, इन-हाउस डिजाइन एवं इंजीनियरिंग सेवाएं और कमर्शियल टूल रूम हैं।
ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज की स्थापना 1996 में हुई थी और इसका मुख्यालय पुणे में है।
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