जौनपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता
स्वाइन फ्लू के लक्षणों को पहचान कर समय पर इलाज जरूरी, सीएमओ ने दी सलाह
जौनपुर में स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ाई है, और सीएमओ डॉ. गंगाराम गौतम ने कहा है कि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार जरूरी है। विभाग ने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है और मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था की है, साथ ही गंभीर मरीजों के लिए आरटी-पीसीआर जांच और अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था भी की गई है।
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जौनपुर। जौनपुर में मौसम बदलने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। सीएमओ डॉ. गंगाराम गौतम ने बताया कि समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। विभाग ने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
स्वाइन फ्लू एक सांस से जुड़ी वायरल बीमारी है, जो एच1एन1 वायरस के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, लगातार छींक आना, सर्दी, खांसी और जुकाम शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस फूलने या सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
डॉ गंगाराम गौतम ने बताया कि स्वाइन फ्लू को गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। कैटेगरी-A में हल्के सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होते हैं और मरीज सामान्य उपचार से घर पर ठीक हो सकते हैं। कैटेगरी-B में तेज बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षण सामने आते हैं, जिसमें डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं दी जाती हैं और आमतौर पर अस्पताल में भर्ती की जरूरत नहीं पड़ती। गंभीर मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच कराई जाती है और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं और स्थिति पर निगरानी रखने के लिए विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित की गई है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला महिला व पुरुष अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की प्राथमिक जांच और उपचार की व्यवस्था सक्रिय है। गंभीर मरीजों के सैंपल लेकर आरटी-पीसीआर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे।
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के नाम से घबराने की बजाय सावधानी बरतें। अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर जांच और इलाज बीमारी को गंभीर होने से रोकने में मदद कर सकता है।
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