स्वाइन फ्लू के 8 नए मामले, कुल संख्या 336 पहुंची
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के लिए एमपीएचडब्ल्यू बोर्ड में कॉर्नर स्थापित किया
जिले में स्वाइन फ्लू के आठ नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 336 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएचडब्ल्यू बोर्ड की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू कॉर्नर स्थापित किया है, जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही कोविड और डेंगू के भी मामले दर्ज किए गए हैं और विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने व समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी है।
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स्वाइन फ्लू के आठ नए मरीज मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या 336 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज के लिए एमपीएचडब्ल्यू बोर्ड की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू कॉर्नर बनाया है, जिसमें चार मेडिकल अफसर, स्टाफ नर्स और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को 71 सैंपल लिए गए, जिनमें आठ लोग संक्रमित पाए गए। कोविड के 40 सैंपल की जांच में दो मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। जिले में कोविड के कुल 43 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चार मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
स्वाइन फ्लू के कुल 336 मामलों में सबसे अधिक 61-70 वर्ष आयु वर्ग के 58 मरीज हैं। इसके बाद 51-60 वर्ष के 57, 21-30 वर्ष के 37, 41-50 वर्ष के 34, 71-80 वर्ष के 31, 31-40 वर्ष के 24, 1-10 वर्ष के 21, 11-20 वर्ष के 18 और 81-90 वर्ष के 13 मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएचडब्ल्यू बोर्ड की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू कॉर्नर स्थापित किया है, जिसमें चार मेडिकल अफसर, एक सीनियर स्टाफ नर्स, चार स्टाफ नर्स, चार बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा है। जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध हैं।
जिले में चार वर्षीय बच्चे समेत छह मरीज पॉजीटिव हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि संक्रमण के स्वरूप में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आया है। अधिकांश मरीज हल्के लक्षणों के साथ घर पर रहकर ठीक हो रहे हैं, लेकिन पहले से बीमार मरीजों में संक्रमण गंभीर हो सकता है।
डॉक्टरों ने कहा है कि सर्दी, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए स्वाब टेस्ट कराना जरूरी है। संक्रमण को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने और मरीज के संपर्क में आए लोगों में बीमारी न फैलने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के भी 138 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से 127 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 11 का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने 13,010 घरों का सर्वे किया, जिसमें 71,515 कंटेनर जांचे गए और 274 कंटेनरों में लार्वा मिला।
स्वाइन फ्लू से एक 60 वर्षीय महिला की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के संपर्क में आए चार पारिवारिक सदस्यों की जांच की है, जिनमें संक्रमण नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच व उपचार कराने से संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
- एमपीएचडब्ल्यू बोर्ड की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू कॉर्नर बनाया गया है, जिसमें ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं।
- स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की आयु वितरण कैसी है?
- सबसे अधिक मरीज 61-70 वर्ष के (58) हैं, इसके बाद 51-60 वर्ष और 21-30 वर्ष के मरीजों की संख्या भी अधिक है।
- स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर क्या करना चाहिए?
- सर्दी, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वाब टेस्ट कराना जरूरी है और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
- स्वाइन फ्लू संक्रमण में क्या बदलाव आए हैं?
- विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण के स्वरूप में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आया है और अधिकतर मरीज हल्के लक्षणों के साथ ठीक हो रहे हैं।
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