ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू के 288 मामले, महिला भर्ती
24 घंटे में 29 नए मरीज, जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में उपचार जारी
ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू के कुल 288 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 81 सक्रिय मामले हैं और 260 लोग ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे में 29 नए मरीजों की पुष्टि की है, जबकि जिला अस्पताल में संक्रमित मरीजों के इलाज और संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की जा रही है।
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रायबरेली संवाददाता। ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू के 288 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार शाम को 50 वर्षीय महिला को सांस लेने में गंभीर समस्या के कारण जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे में 29 नए मरीजों की पुष्टि की है।
स्वाइन फ्लू से संक्रमित महिला को प्राइवेट लैब की जांच में एच1एन1 पॉजिटिव पाया गया। महिला को कई दिनों से बुखार और खांसी थी, लेकिन दवाई लेने के बाद भी आराम नहीं मिला। बेटे ने जांच कराई और रिपोर्ट मिलने पर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में महिला का उपचार चल रहा है और चिकित्सकों की टीम उनकी हालत पर नजर रखे हुए है।
स्वास्थ्य विभाग को पिछले 24 घंटे में 29 नए स्वाइन फ्लू के मरीज मिले हैं, जिससे कुल मरीजों की संख्या 288 हो गई है। इनमें से 81 सक्रिय मामले हैं जबकि 260 लोग ठीक हो चुके हैं। मरीजों में 259 ग्रामीण क्षेत्र के और 29 शहरी क्षेत्र के हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रभाव के बावजूद जिला अस्पताल के ओपीडी में संक्रमण से बचाव के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। मरीज और उनके तीमारदार बिना मास्क के लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। अस्पतालों में संक्रमित मरीजों को अलग रखने, मास्क पहनने, हाथ धोने और वेंटिलेशन की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग और गंभीरता के आधार पर अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन जिले के अधिकांश अस्पतालों में यह व्यवस्था अधूरी है। जिला अस्पताल में ही संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है, जबकि अन्य अस्पतालों की तैयारी पर विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वाइन फ्लू से प्रभावित महिला की स्थिति क्या है?
- महिला जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है और चिकित्सकों की टीम उनकी हालत पर नजर रख रही है।
- स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव के लिए क्या कदम उठाए हैं?
- स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है जिसमें स्क्रीनिंग, मास्क पहनना, हाथ धोना और वेंटिलेशन शामिल हैं, लेकिन अस्पतालों में यह पूरी तरह लागू नहीं हो रहा।
- क्या जिले के अन्य अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए तैयारी है?
- जिला अस्पताल में ही संक्रमित मरीजों के भर्ती की सुविधा है, बाकी अस्पतालों की तैयारी के बारे में विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी है।
- स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर क्या कार्रवाई करनी चाहिए?
- लक्षण दिखने पर मरीजों की स्क्रीनिंग और गंभीरता के आधार पर अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था की जानी चाहिए।
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