सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर पाहुजा की सजा पर लगाई रोक, अंतरिम जमानत दी
कोर्ट ने छह महीने की अवमानना सजा पर रोक लगाई, अगली सुनवाई तय
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को न्यायालय की अवमानना के मामले में दी गई छह महीने की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने चेताया कि पर्यावरण से जुड़े मामलों में निर्णय लेने के लिए संतुलन बनाना आवश्यक है।
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फिरोजाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को न्यायालय की अवमानना के मामले में छह महीने की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
सजा पर रोक और अंतरिम जमानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने मई में यूट्यूबर पाहुजा को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने पाया था कि सुनवाई के दौरान उन्होंने न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और न्यायालयों की मनमर्जी को तानाशाही से तुलना की। सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा पर रोक लगाते हुए पाहुजा को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उनकी ओर से बताया गया कि वह पहले ही लगभग 48 दिन हिरासत में बिता चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के विचार
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कोई भी कदम उठाना जोखिम भरा हो सकता है और पटाखों को लेकर फैसले में कई पहलुओं के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
एनएसई सेटलमेंट और IPO तैयारी
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के खिलाफ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की याचिकाओं का निपटारा किया। यह फैसला एनएसई द्वारा ₹1,491.21 करोड़ की सेटलमेंट राशि का भुगतान करने के बाद आया है। एनएसई अपने ₹30,000 करोड़ के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रहा है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 14.89 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री शामिल है। IPO में कोई नया इश्यू नहीं होगा।
अपील की अगली सुनवाई की तारीख तक, हम सजा पर रोक लगाने का आदेश देते हैं, इसलिए अपीलकर्ता (पाहुजा) को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए
बेंच
पर्यावरण से जुड़े मामलों में किसी भी फैसले पर धीरे-धीरे और सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत है.
सुप्रीम अदालत
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