3 सितंबर को चांदी के दाम में 5000 रुपये की बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय दबाव और डॉलर की मजबूती के बीच चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी
3 सितंबर को भारत में चांदी के दाम में 5000 रुपये की वृद्धि हुई और इसकी कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने और डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं की मांग में कमी आई, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
3 सितंबर को देश में चांदी के दाम में 5000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुडरिटर्न्स के अनुसार चांदी की कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं की मांग प्रभावित हो रही है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 1.23 प्रतिशत बढ़कर 2,32,763 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,29,943 रुपये प्रति किलो था। बुलियन्स के अनुसार चांदी की कीमत 2,38,350 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 66.57 डॉलर प्रति औंस रहा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और यह 5,000 रुपये टूटकर दो सप्ताह के निचले स्तर 2,35,500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। डॉलर की मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की दिलचस्पी कम कर दी है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 1,841 रुपये यानी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,33,600 रुपये प्रति किलो रही। विदेशी बाजार न्यूयॉर्क में दिसंबर कॉन्टैक्ट वाले कॉमेक्स चांदी वायदा 1.22 प्रतिशत गिरकर 64.57 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजार में कमजोरी के रुख के कारण दिल्ली में चांदी की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन घरेलू बाजार में सुबह के कारोबार में चांदी के दामों में तेजी देखने को मिली। गुरुवार को एमसीएक्स पर सोना 0.75 प्रतिशत बढ़कर 1,53,542 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 0.88 प्रतिशत बढ़कर 2,38,340 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं की मांग कम हो रही है। गौरव गर्ग ने बताया कि बुधवार के सत्र में चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही। वहीं, चेयरमैन जॉन विलियम्स ने कहा कि टैरिफ के असर कम होने से महंगाई घटने के संकेत मिल रहे हैं और ऊर्जा की ऊंची कीमतें अन्य सेवाओं तक नहीं फैल रही हैं।
भू-राजनीतिक तनावों ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के नजरिए में अनिश्चितता बढ़ाई है, जिससे चांदी पर दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों की राय
गौरव गर्ग ने कहा, "बुधवार के सत्र में चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही, क्योंकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं जैसी आस्तियों की मांग कम हो गई।" चेयरमैन जॉन विलियम्स ने बताया, "टैरिफ के असर के कम होने से महंगाई घटने के संकेत मिल रहे हैं, और ऊर्जा की ऊंची कीमतें अन्य सेवाओं तक नहीं फैल रही हैं।" ट्रंप ने कहा, "यह टकराव 'बहुत लंबे समय' तक नहीं चलेगा।"
5 free articles left today
0 of 5 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.