रूस ने ईरान को दी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक
C430L परियोजना से अमेरिका की नौसेना के लिए खतरा बढ़ा
रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी Rosoboronexport ने ईरान के साथ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक के विकास में सहयोग किया है, जिससे नई रणनीतिक चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं। इस परियोजना, जिसे 2023 में शुरू किया गया था, पर 2026 तक काम जारी रहेगा और यह फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के विरुद्ध ईरान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
एएनआई। रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी Rosoboronexport ने ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने में मदद की है। इस गुप्त C430L प्रोजेक्ट की शुरुआत 2023 में हुई और यह अमेरिका की नौसेना के लिए नई रणनीतिक चुनौती बन सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने पर्दे के पीछे रहकर ईरान को ऐसी तकनीक दी है जो भविष्य में बेहद तेज रफ्तार क्रूज मिसाइलों का रास्ता खोल सकती है। यह सहयोग अमेरिका-ईरान टकराव के मौजूदा दौर से पहले शुरू हुआ था और अब इसके दस्तावेज़ सामने आने से मॉस्को-तेहरान सैन्य साझेदारी पर नए सवाल उठ रहे हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, C430L कार्यक्रम 2023 में शुरू हुआ था और परियोजना का काम 2026 तक जारी रहा। यह तकनीक ऐसी प्रणोदन प्रणाली है जिसमें हवा की मदद से इंजन तेज गति पर लगातार काम करता है, जो सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को कई गुना तेज रफ्तार देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
पूर्व CIA सैन्य विश्लेषक जिम लैमसन ने बताया कि यह तकनीक ईरान को एक नया और अहम स्ट्रैटेजिक हथियार सिस्टम देगी, जो अमेरिकी नौसेना के जहाजों के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान लंबे समय से ऐसी तकनीक हासिल करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि कम ऊंचाई पर उड़ने वाली तेज रफ्तार क्रूज मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए प्रतिक्रिया का समय घटा सकती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस परियोजना को रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी Rosoboronexport ने व्यवस्थित किया था। तकनीकी स्तर पर NPO Mashinostroyenia की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जो जहाज, पनडुब्बी और जमीन से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल प्रणालियों पर काम करती है। अमेरिका ने 2014 में इस कंपनी पर प्रतिबंध लगाए थे।
लीक हुए यात्रा रिकॉर्ड के मुताबिक, रूसी हथियार निर्यात अधिकारियों और NPO Mashinostroyenia के वरिष्ठ इंजीनियरों ने नवंबर 2023 में कई बार ईरान का दौरा किया था। इसके बाद ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के लॉजिस्टिक्स विभाग के साथ परियोजना का औपचारिक अनुबंध हुआ। यह अचानक शुरू हुआ कोई अस्थायी सैन्य सहयोग नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से तकनीकी तैयारी और संपर्क थे।
फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना तथा उसके सहयोगियों की मौजूदगी को देखते हुए ऐसी मिसाइलें युद्धपोतों के खिलाफ महत्वपूर्ण हथियार बन सकती हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह कंपनी जहाज, पनडुब्बी और जमीन से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों पर काम करती है।
5 free articles left today
0 of 5 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.