कोटपूतली में बारिश से सूखती बाजरे की फसल को मिली नई जान
सावन में कम बारिश से प्रभावित खेतों में नमी लौटने से किसानों को उम्मीद
कोटपूतली के चतरपुरा क्षेत्र में 3 सितंबर को हुई बारिश ने बाजरे की सूख रही फसल को राहत दी है। बारिश से खेतों में नमी लौटने से जिन खेतों में फसल बची है, वहां किसानों को पैदावार में सुधार की उम्मीद है, हालांकि पूरी तरह सूख चुके खेतों में नुकसान हो चुका है।
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कोटपूतली। कोटपूतली के चतरपुरा क्षेत्र में 3 सितंबर को हुई बारिश से सूख रही बाजरे की फसल को राहत मिली है। लंबे समय तक बारिश न होने के कारण खेतों की मिट्टी सूख गई थी और फसल कमजोर पड़ने लगी थी।
किसान सुक्का माली ने बताया कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण बाजरे की फसल सूख रही थी। पूरे सावन में इलाके में सिर्फ चार-पांच बार ही बरसात हुई, जिससे खेतों में नमी कम हो गई थी।
बाजरे की फसल बालियां निकलने और दाने भरने की स्टेज पर पहुंच गई थी, लेकिन जिन खेतों में फसल ज्यादा खराब हुई थी, वहां किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी। अब बारिश होने से जिन खेतों में फसल बची है, वहां किसानों को पैदावार में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
जिन खेतों में फसल पूरी तरह सूख गई है, वहां नुकसान हो चुका है। बारिश से खेतों में नमी लौटने और गर्मी से राहत मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
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