पुतिन ने रूसी जहाजों पर हमले को आतंकवाद बताया, शांति वार्ता की संभावना जताई
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन ने नॉर्वे के जहाज जब्त करने पर नाराजगी जताई और अमेरिका से संबंध सुधारने की इच्छा जताई
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नॉर्वे द्वारा रूसी जहाज जब्त करने और यूक्रेन द्वारा रूसी नागरिक जहाजों को निशाना बनाने की आलोचना करते हुए इसे आतंकवाद करार दिया। पुतिन ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की संभावना जताई और शांति वार्ता के लिए तत्परता व्यक्त की, जबकि रूस की नई सैन्य भर्ती की खबरों को खारिज किया।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उनकी नाराजगी नॉर्वे द्वारा रूसी जहाज जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन समुद्र में रूसी नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार देते हुए शांति वार्ता की संभावना पर भी चर्चा की। पुतिन ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जताई और कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क लगातार बना हुआ है।
पुतिन ने नॉर्वे की ओर से रूसी रिसर्च जहाज प्रोफेसर मोलचानोव को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई। यह जहाज स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग इलाके में था, जहां वैज्ञानिक, रिसर्च कर्मचारी, उनके परिवार और पर्यटक सफर करते हैं। यह जहाज रूसी बस्तियों के लिए जरूरी सामान भी पहुंचाता है। नॉर्वे ने इसे समुद्री प्रतिबंध के उल्लंघन के बजाय एक पुराने मुआवजे के मामले में जब्त किया था। 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद नाफ्टोगाज की संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया था। 2023 में हेग की अंतरराष्ट्रीय अदालत ने रूस को नाफ्टोगाज को करीब 4.22 अरब डॉलर देने का आदेश दिया था। पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस इसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को लेकर मुश्किलें बढ़ रही हैं, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधों की बहाली सिर्फ रूस की इच्छा पर निर्भर नहीं है, बल्कि अमेरिकी पक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रंप प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को सुलझाने के लिए सकारात्मक और रचनात्मक कार्य करने को तैयार हैं।
पुतिन ने कहा कि रूस जंग को खत्म करने और स्थायी शांति बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और चीन समेत कई देश शांति समझौते के प्रयासों में सहयोग देने को तैयार हैं। पुतिन ने उन सभी लोगों का आभार जताया जो समाधान की कोशिशों में योगदान दे रहे हैं।
रूस में नई अनिवार्य सैन्य भर्ती या लामबंदी की खबरों को पुतिन ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल रूस को नए सैनिकों की लामबंदी की जरूरत नहीं है और लोग अपनी इच्छा से सेना में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान सितंबर में होने वाले निचले सदन के चुनाव से पहले चलाया जा रहा है ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत लगातार कहता रहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है और इस अंतहीन युद्ध को खत्म होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न अवसरों पर मिलते रहे हैं और इस संघर्ष के कुछ विशिष्ट पहलू चर्चा में आए हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ये बैठकें शांति की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।
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