जमशेदपुर की जेल में हुई थी कैदी की हत्या, 22 आरोपी दोषी करार
जमशेदपुर की घाघीडीह मंडल जेल में 2019 में हुई कैदी मनोज सिंह की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। 15 आरोपियों को हत्या और 7 आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी करार दिया गया, उनकी सजा पर 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
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जमशेदपुर, 6 अगस्त (आईएएनएस)। जमशेदपुर की घाघीडीह मंडल जेल में वर्ष 2019 में कैदियों के दो गुटों की हिंसक झड़प के दौरान मनोज सिंह नामक कैदी की हत्या के मामले में जिला अदालत ने 22 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जमशेदपुर जिला अदालत के एडीजे-4 राजेद्र कुमार सिन्हा ने ट्रायल पूरी होने के बाद 15 आरोपियों को हत्या और 7 आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी माना है। इन सभी की सजा के बिंदु पर 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
जेल के अंदर की यह वारदात वर्ष 2019 में 26 जून को हुई थी। यहां कैदियों के दो गुट वर्चस्व को लेकर भिड़ गये थे। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले थे। इसमें बुरी तरह घायल दो कैदियों मनोज सिंह और सुमित सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां मनोज सिंह ने दम तोड़ दिया था।
इस मामले में अदालत ने जिन आरोपियों को हत्या का दोषी पाया गया है उनमें श्यामु जोजो, पंचानन पात्रो, पिंकू पूरती, अजय मल्लाह, अरुप कुमार बोस, रामराय सुरिन, रमाय करुआ, गंगाधर खंडैत, रमेश्वर अंगारिया, गोपाल तिरिया, शरत गोप, वासुदेव महतो, जानी अंसारा, शिव शंकर पासवान और संजय दिग्गी शामिल हैं।
जानलेवा हमला करने के मामले में शोएब अख्तर, मो तौकिर, अजीत दास, सोनु लाल, सुमित सिंह, ऋषि लोहर और सौरभ सिंह को दोषी माना गया है। इसी मामले के आरोपी हरीश सिंह, अविनाश श्रीवास्तव और जेल के चार कक्षपाल के खिलाफ अदालत में अलग से सुनवाई होगी।
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