यूसमर्ग में ऑपरेशन अशदर में पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर ढेर
सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता पाई, यासिर लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ा था
जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग में ऑपरेशन अशदर के दौरान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी नागरिक और लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े कमांडर यासिर को मार गिराया। मुठभेड़ में उसके साथ चार से पांच आतंकियों के होने की संभावना है और इलाके में अभियान जारी है। यह कार्रवाई सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है।
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जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग इलाके में ऑपरेशन अशदर के दौरान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े कमांडर यासिर को मार गिराया। यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
सुरक्षा बलों ने अशदर गली के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में मुठभेड़ के दूसरे दिन यासिर को मार गिराया। उसके कब्जे से एके-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद हुई। सुरक्षाबलों को इलाके में चार से पांच और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिनकी तलाश के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी जारी है।
सेना की चिनार कोर के अनुसार, सटीक खुफिया सूचना पर यह संयुक्त अभियान चलाया गया था। यह क्षेत्र यूसमर्ग के दूधपथरी से करीब आठ घंटे की कठिन पैदल चढ़ाई वाला है। सेना की 53 राष्ट्रीय राइफल्स, 10 पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह की टीमें बुधवार से आतंकियों की तलाश में लगी थीं।
गिरफ्तारी से पहले आतंकियों ने जवानों को गोलीबारी से जवाब दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। शुक्रवार सुबह अभियान तेज किया गया और यासिर को ढेर कर दिया गया। मुठभेड़ में शामिल आतंकियों की संख्या चार से पांच बताई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां यासिर के नेटवर्क, लश्कर के अन्य आतंकियों से संपर्क और हाल की किसी आतंकी गतिविधि की योजना में उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं। यासिर पहले लश्कर के सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था, लेकिन करीब एक साल पहले अलग होकर यूसमर्ग में लश्कर का प्रमुख कमांडर बन गया था।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने चिनार कोर की कार्रवाई की सराहना की और नॉर्दर्न कमांड ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। सेना ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए पुलवामा के पाखेरपोरा की ओर बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के ग्रुप की गतिविधियों पर नजर रखी थी।
यह ऑपरेशन भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से चलाया था। सुरक्षा बल इलाके में सक्रिय आतंकियों और उनके मददगारों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने कहा, "भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते।" उन्होंने बताया कि यासिर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से संबंध रखता था।
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