मुख्यमंत्री ने कहा: सरकारी नौकरी नहीं, हुनर से मिलेगा रोजगार
जम्मू-कश्मीर में स्किल डेवलपमेंट को आधुनिक उद्योग से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण युवाओं को हुनरमंद बनाना आवश्यक है और इसी दिशा में आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने श्रीनगर में पॉलिटेक्निक विकास कार्यों की शुरुआत करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार अवसर देने और कौशल विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार सबको सरकारी नौकरी नहीं दे सकती। इसलिए युवाओं को जॉब मार्केट में मुकाबला करने लायक हुनरमंद बनाना जरूरी है। उन्होंने श्रीनगर में पॉलिटेक्निक के विकास कार्यों की आधारशिला रखी और 4.20 करोड़ रुपये की लागत से ढांचा अपग्रेड का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आने वाले समय की मांग के अनुसार युवाओं को तैयार करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आइटीआइ और पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रमों की नियमित समीक्षा हो और पुरानी मशीनों को हटाकर आधुनिक उद्योग की जरूरत के अनुसार नई ट्रेनिंग शुरू की जाए।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बड़े परियोजनाओं और नए निवेश से रोजगार के अवसर बन रहे हैं, इसलिए स्किल इकोसिस्टम को इन निवेशों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे बाहर से कुशल कारीगर लाने से पहले प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार दें।
इस अवसर पर विदेश में प्लेसमेंट हासिल करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया, जिसे तकनीकी शिक्षा की सफलता बताया गया। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक लाल चौक शेख अहसान अहमद, विधायक करनाह जावेद अहमद मिर्चाल, सचिव स्किल डेवलपमेंट कुमार राजीव रंजन, निदेशक डॉ. ओवैस अहमद, प्रिंसिपल शफकत आरा सहित फैकल्टी और छात्र मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि बदलते समय में युवाओं को रोजगार के लिए केवल परिचितों और रिश्तेदारों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। तकनीक का उपयोग केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। रोजगार मेला युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इस वर्ष चार मेगा जॉब फेयर आयोजित किए जाने हैं।
नियोजन शंभुनाथ सुधाकर ने कहा कि युवाओं को शुरुआत में मानदेय को प्राथमिक मुद्दा बनाने के बजाय अपनी योग्यता और अनुभव के अनुरूप रोजगार से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अवसर न मिलने पर निराश न हों और आगामी रोजगार मेलों में प्रयास जारी रखें।
स्किल डेवलपमेंट को किताबी पढ़ाई के साथ-साथ चलना होगा। विश्वविद्यालयों पर दिए जाने वाले ध्यान की तरह स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क पर भी ध्यान देना होगा, चाहे वह बिल्डिंग का ढांचा हो, ट्रेनिंग की गुणवत्ता हो या आधुनिक उपकरण।
टूरिज्म, कृषि, बागवानी, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अनुसार आइटीआइ और पॉलिटेक्निक के कोर्स डिजाइन किए जाने चाहिए।
आज अखबार, टीवी, मोबाइल, इंटरनेट और नई तकनीक के माध्यम से घर बैठे रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। चैट जीपीटी जैसी तकनीक के माध्यम से भी रोजगार और कौशल विकास से संबंधित जानकारी हासिल की जा सकती है। हुनर, क्षमता और आत्मविश्वास रखने वाला युवा अपना रोजगार भी खड़ा कर सकता है।
युवाओं को लगातार सीखते रहने और अपने कौशल को विकसित करने की जरूरत है। अब सीखने के लिए केवल स्कूल-कॉलेज पर निर्भर रहने का दौर समाप्त हो रहा है। यहां से प्राप्त रोजगार और अनुभव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेगा। उन्होंने युवाओं को कार्यस्थल के अनुशासन, प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदारियों को समझकर आगे बढ़ने की सलाह दी। हुनर और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।
अगर हमें अपने बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है, तो उन्हें जॉब मार्केट में मुकाबला करने लायक हुनर देना होगा, चाहे वह जम्मू-कश्मीर हो, देश का कोई और हिस्सा हो या विदेश
उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
हमारा लक्ष्य सिर्फ बाहर लेबर भेजना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे कुशल प्रोफेशनल तैयार करना है जो ज्यादा वेतन वाली नौकरियां हासिल कर सकें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें
उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
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