श्रीगंगानगर में NRI की हत्या, दंपती को आजीवन कारावास
चार साल पुराने सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने आरोपी दंपती को सजा सुनाई
श्रीगंगानगर में चार साल पुरानी हत्या के मामले में आरोपी दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोप है कि उन्होंने धन की लालच में NRI वीरेंद्र सिंह की हत्या की थी और शव को जलाकर छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले की पुरानी आबादी क्षेत्र में करीब चार साल पहले हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी दंपती को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश कमल लोहिया ने सुनाया।
मामले के अनुसार, 18 दिसंबर 2022 की रात चक-7 जैड निवासी 55 वर्षीय वीरेंद्र सिंह की हत्या हुई थी। वह श्रीलंका में एक कंपनी में सुपरवाइजर था और घटना से करीब एक महीने पहले भारत लौटा था। करीब तीन महीने पहले रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात अबोहर निवासी डांसर जैसमीन उर्फ आशू से हुई थी। दोनों ने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया और बातचीत शुरू की।
जांच में पता चला कि जैसमीन को वीरेंद्र के बैंक खातों में काफी रकम होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने अपने पति रोहित के साथ मिलकर रकम ऐंठने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने ब्लैकमेल करते हुए उससे पैसे मांगे और मारपीट कर एटीएम, मोबाइल व पर्स छीन लिया। पासवर्ड लेकर खाते से रुपए ट्रांसफर किए गए।
आरोपियों को डर था कि वीरेंद्र पुलिस को घटना बताएगा। इसी आशंका में उसके सिर पर चोट मारकर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को घर में रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी में डालकर रेहड़ी पर रखकर सुनसान भूखंड में ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। इसके बाद दोनों बस स्टैंड पहुंचे और अबोहर चले गए।
19 दिसंबर को सदर थाने में वीरेंद्र के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। पैर का कुछ हिस्सा नहीं जलने के कारण परिजनों ने उसकी पहचान की। तत्कालीन पुरानी आबादी थाना प्रभारी सुरजीत कुमार ने जांच शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल में वीरेंद्र की अंतिम बातचीत जैसमीन से होना सामने आया। अगले दिन ऑनलाइन पेमेंट का मैसेज भी महत्वपूर्ण कड़ी बना। पुलिस ने ट्रैस कर अबोहर से जैसमीन और रोहित को गिरफ्तार कर लिया।
विशेष बात यह है कि वीरेंद्र की बेटी की शादी महज 15 दिन बाद होने वाली थी, लेकिन शादी की तैयारियों के बीच परिवार को उसकी हत्या की खबर ने झकझोर दिया।
अभियोजक विजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि धारा-302 में दोनों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपए जुर्माने तथा धारा-201 में तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हत्या कैसे हुई थी?
- आरोपियों ने वीरेंद्र के सिर पर चोट मारकर गला घोंटकर हत्या की।
- हत्या के बाद शव का क्या किया गया?
- शव को पानी की टंकी में डालकर आग लगाई और सुनसान भूखंड में छोड़ा गया।
- पुलिस ने केस में किन सबूतों को महत्त्व दिया?
- पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और ऑनलाइन पेमेंट मैसेज को महत्वपूर्ण कड़ी माना।
- आरोपियों को कौन-कौन सी सजा सुनाई गई?
- धारा-302 में आजीवन कारावास व जुर्माना, धारा-201 में कठोर कारावास और जुर्माना।
- हत्या का मकसद क्या था?
- आरोपियों ने वीरेंद्र के बैंक खातों से पैसे ऐंठने की साजिश रची थी।
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