नोएडा पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्र को पांच लाख का मुचलका दिया
शांति भंग की आशंका पर छात्र को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा गया था
नोएडा पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्र अक्षत त्रिपाठी को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय व्यक्तियों की जमानत पर छह माह तक शांति बनाए रखने का नोटिस जारी किया था। बाद में पुलिस ने शिकायत मिलने पर यह नोटिस वापस ले लिया। छात्र और छात्र संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया था।
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नोएडा पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल एक छात्र को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने और दो स्थानीय व्यक्तियों की जमानत पर छह माह तक शांति बनाए रखने का नोटिस जारी किया था। पुलिस ने बताया कि छात्र की गतिविधियों से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बन गई थी।
यह कार्रवाई चार सितंबर को कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय, ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट की अदालत ने एसीपी कोर्ट के माध्यम से धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत की। नोटिस में छात्र को कारण बताने को कहा गया था कि वह शांति व्यवस्था भंग न करे।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, छात्र अक्षत त्रिपाठी, जो प्रयागराज के शिव विहार हवेलिया का निवासी है और वर्तमान में ईकोटेक-वन क्षेत्र में रहकर गार्गी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करता है, पर आरोप था कि वह एक राजनीतिक दल द्वारा प्रस्तावित धरने में शामिल होने के लिए अन्य छात्रों को उकसा रहा था और सरकार विरोधी भ्रामक बातें फैला रहा था।
यह आख्या थाना ईकोटेक-1 में तैनात उपनिरीक्षक शिवा पांडेय ने दी थी, जिसे प्रभारी निरीक्षक ने आगे बढ़ाया था। रिपोर्ट में कहा गया कि छात्र की गतिविधियों से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बन गई है और कभी भी लड़ाई-झगड़ा हो सकता है। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई शुरू की।
छात्र अक्षत त्रिपाठी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसने कहा, "मैंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और उस दौरान मैं यूनिवर्सिटी की क्लास में नहीं था क्योंकि संस्थान करीब तीन महीने से बंद था।"
नोटिस की कॉपी सोशल मीडिया पर आने के बाद छात्र संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। इसके बाद पुलिस ने नोटिस वापस लेने की बात कही और बताया कि जानकारी संज्ञान में आने के बाद चार सितंबर को जारी नोटिस उसी दिन निरस्त कर दिया गया था और छात्र को भी अवगत करा दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- छात्र ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- अक्षत त्रिपाठी ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा था और संस्थान बंद था।
- पुलिस की रिपोर्ट किसने दी थी?
- रिपोर्ट थाना ईकोटेक-1 के उपनिरीक्षक शिवा पांडेय ने दी थी, जिसे प्रभारी निरीक्षक ने आगे बढ़ाया था।
- नोटिस वापस लेने की वजह क्या थी?
- नोटिस की कॉपी सोशल मीडिया पर आने के बाद छात्र संगठनों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया, जिसके बाद पुलिस ने नोटिस वापस लिया।
- कार्यवाही किस अदालत ने की?
- कार्रवाई कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय, ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट की अदालत ने एसीपी कोर्ट के माध्यम से की।
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