नेपाल बाढ़ में 5000 से अधिक लोग लापता, भारत में होगी DNA जांच
भारत सरकार ने काठमांडू दूतावास के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान के लिए DNA प्रोफाइलिंग की व्यवस्था की
नेपाल में आई बाढ़ में अब तक 12 हजार से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए हैं और लगभग 5000 लोग लापता हैं। भारत सरकार काठमांडू के भारतीय दूतावास के सहयोग से लापता लोगों की पहचान के लिए DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
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डिजिटल डेस्क। 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 12 हजार से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए हैं, जबकि लगभग 5000 लोग अभी भी लापता हैं। भारत सरकार ने काठमांडू के भारतीय दूतावास के सहयोग से लापता लोगों की पहचान के लिए DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई है।
भारत में रहने वाले लापता लोगों के फर्स्ट-डिग्री जैविक रिश्तेदारों के सैंपल लेकर DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिसमें माता-पिता, बेटा, बेटी और भाई-बहन शामिल हैं। इसके लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय फॉरेंसिक लैब की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। DNA प्रोफाइल की कॉपी काठमांडू के भारतीय दूतावास को भी भेजी जा सकती है।
नेपाल में आई इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई है। राहत और बचाव टीमों ने अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है, लेकिन करीब 5000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल के रसुवा जिले के पहरेबेसी गांव में आठ दिनों तक अपने लापता रिश्तेदारों का कोई सुराग न मिलने पर परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार शुरू कर दिया है। वे कुशा घास से बने पुतलों का उपयोग कर रहे हैं, जो हिंदू संस्कारों में पवित्र मानी जाती है। इससे परिवारों को आध्यात्मिक राहत मिलती है कि उनके अपनों की आत्मा को शांति मिल गई है।
सरकार जेसीबी की मदद से उन शवों को एक लाइन में दफन कर रही है, जिनके परिजनों का पता नहीं चल पाया है।
नेपाल में भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। नेपाल पुलिस ने आसपास के इलाकों और नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
भारतीय और नेपाली दलों ने विशेष उपकरणों का उपयोग करके सुरंग के अंदर 100 मीटर तक का जायजा ले लिया है और वे सुरंग में और आगे बढ़ने के लिए भारी उपकरण लाने की योजना बना रहे हैं।
काठमांडू के भारतीय दूतावास ने मंगलवार को पीड़ितों के शवों की पहचान से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया साझा की थी.
विदेश मंत्रालय
नेपाल पुलिस की सलाह के मुताबिक पहचान के लिए Autosomal STR DNA profiling कराई जा सकती है.इसके लिए नेपाल पुलिस ने तकनीकी जरूरतों की जानकारी भी साझा की है .DNA प्रोफाइल तैयार होने के बाद उसे जरूरी शुरुआती जानकारी के साथ नेपाल पुलिस को भेजा जा सकेगा.
पुलिस
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