नागौर बस स्टैंड के जर्जर प्लेटफॉर्म से यात्रियों को खतरा
तीन महीने बाद भी मरम्मत नहीं, बजट न मिलने का आरोप
नागौर रोडवेज बस स्टैंड के जर्जर प्लेटफॉर्म और कमरों की मरम्मत तीन महीने से नहीं हुई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। अधिकारियों द्वारा मरम्मत के लिए बजट न मिल पाने और आदेश का पालन न करने के कारण कार्य स्थगित है।
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नागौर। नागौर रोडवेज बस स्टैंड जिले का मुख्य परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना करीब 150 बसें चलती हैं। इसके जर्जर प्लेटफॉर्म और कमरों की मरम्मत तीन महीने बाद भी नहीं हुई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।
सुबह से देर रात तक सैकड़ों यात्री इसी जर्जर प्लेटफॉर्म के नीचे बैठकर बसों का इंतजार करते हैं, जहां प्लास्टर गिरने का खतरा बना रहता है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यकारी निदेशक (प्रशासन) चांद मल वर्मा ने 15 मई 2026 को सभी इकाई प्रभारियों को आदेश जारी कर 30 मई तक जर्जर स्थानों को चिन्हित कर बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड लगाने को कहा था।
तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नागौर बस स्टैंड पर न तो कोई मरम्मत हुई है और न ही सुरक्षित बैठने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मुख्यालय द्वारा 2 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समीक्षा की जानी थी, लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ।
प्रबंधक मुकन सिंह राठौड़ ने बताया कि मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन बजट नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "जैसे ही मुख्यालय से बजट जारी होगा, जर्जर प्लेटफॉर्म और कमरों की मरम्मत का काम शुरू करवा दिया जाएगा।" स्थानीय आगार प्रशासन की सुस्ती यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है।
जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। तीन महीने पहले जारी आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि समय पर काम न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन नागौर बस स्टैंड पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जर्जर प्लेटफॉर्म से यात्रियों को क्या खतरा है?
- प्लास्टर गिरने का खतरा बना रहता है जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
- नागौर बस स्टैंड के मरम्मत में देरी का कारण क्या है?
- प्रबंधक के अनुसार बजट न मिलने के कारण मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
- क्या मरम्मत के लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं?
- अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
- क्या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है?
- तीन महीने पहले दी गई चेतावनी के बाद भी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
- मुख्यालय ने मरम्मत कार्य की समीक्षा कब करनी थी?
- मुख्यालय ने 2 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करनी थी।
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