निवाई के स्कूलों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
छात्रों को अपहरण, बाल तस्करी और किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी दी गई
निवाई के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए, जहां न्यायाधीशों ने छात्रों को कानून और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी। शिविर में बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल शोषण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत सुझाव पेटिका के माध्यम से समस्याओं को समाधान करने की पहल की गई।
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टोंक। निवाई में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज अभियान के तहत विधिक साक्षरता शिविर लगाए गए। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सृष्टि चौधरी और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने छात्रों को कानून और उनके अधिकारों के बारे में बताया।
स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल निवाई और राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में आयोजित शिविर में न्यायाधीशों ने अपहरण और व्यपहरण में अंतर, बच्चों को निशाना बनाए जाने के कारण, अपहरण का बचपन पर प्रभाव और इससे बचाव के उपाय समझाए। बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल शोषण, जबरन भीख मांगने से जुड़े कानूनों, भारतीय न्याय संहिता 2023, किशोर न्याय अधिनियम तथा रालसा और चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष सृष्टि चौधरी ने स्कूलों में लगाई गई 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत सुझाव पेटिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पेटिका में छात्र-छात्राएं पढ़ाई, दुर्व्यवहार, अपहरण, शोषण, बाल श्रम, बाल तस्करी, मानसिक तनाव और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं लिखकर दे सकते हैं। पेटिका से मिली शिकायतों का सही समाधान किया जाएगा और शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य, अध्यापक और न्यायिक कर्मचारी भी उपस्थित थे।
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