कुण्डल में ठाकुरजी महाराज मंदिर में दो दिवसीय कलश यात्रा शुरू
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साह से लिया हिस्सा, भंडारे में प्रसादी भी बांटी जाएगी
दौसा के कुण्डल में ठाकुरजी महाराज मंदिर सेवा समिति और ग्रामवासियों के सहयोग से दो दिवसीय कलश यात्रा और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु शामिल हुए, जिसमें भंडारा प्रसादी भी प्रदान की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक समरसता और सद्भाव बनाए रखना है।
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दौसा। दौसा के कुण्डल में ठाकुरजी महाराज मंदिर सेवा समिति और ग्रामवासियों के सहयोग से दो दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू हुआ। इसकी शुरुआत कलश यात्रा और शोभायात्रा से हुई, जिसमें सभी समाज की महिलाएं और श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ यात्रा में उत्साह दिखाया और जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया। डीजे की धार्मिक धुनों और ठाकुरजी महाराज के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
इस आयोजन में प्रेम, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना प्रमुख रही। हजारों श्रद्धालुओं ने जोश के साथ कलश यात्रा में भाग लिया। ठाकुरजी महाराज की सुंदर झांकियां सजाई गईं और फूल बंगला झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
ग्रामीण बबलू प्रजापत ने कहा, "यह कलश और शोभायात्रा धार्मिक आस्था और हजारों ग्रामीणों के विश्वास का केंद्र है।" एडवोकेट सियाराम शर्मा ने बताया, "ऐसे धार्मिक आयोजनों से सभी समाज में भाईचारा बना रहता है और लोगों के बीच मेलजोल बढ़ता है।" ग्रामीणों ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसादी का भी आयोजन किया जाएगा।
सभी ग्रामीणों ने इलाके में शांति और सुख के लिए ठाकुरजी महाराज से प्रार्थना की। उन्होंने सभी धर्म प्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे भंडारा प्रसादी में भाग लेकर पुण्य कमाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कलश यात्रा में कौन-कौन शामिल हुए?
- कलश यात्रा में सभी समाज की महिलाएं और श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल हुए।
- शोभायात्रा में क्या विशेष था?
- ठाकुरजी महाराज की सुंदर झांकियां और फूल बंगला झांकी शोभायात्रा में प्रमुख आकर्षण थे।
- स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम के बारे में क्या कहा?
- ग्रामीण बबलू प्रजापत ने इसे धार्मिक आस्था का केंद्र बताया जबकि ए़डवोकेट सियाराम शर्मा ने इसे समाज में भाईचारे का कारण बताया।
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