कर्नाटक हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी होने की आरोपी महिला को दी जमानत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने खतीजा मेहरीन नामक एक महिला को जमानत दे दी है, जिन पर पाकिस्तानी नागरिक होने का आरोप लगाया गया था। न्यायालय ने पाया कि मामले में उनके खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता और वह अब तक 16 महीने की न्यायिक हिरासत में रही हैं, इसलिए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।
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बेंगलुरु, 10 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को तीन बच्चों की मां एक महिला को जमानत दे दी, जिस पर जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिक होने का आरोप लगाया था।
न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरनवर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, आरोपी को केवल संदेह के आधार पर न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। वह जमानत पर रिहा होने के योग्य है।
33 वर्षीय खतीजा मेहरीन 16 महीने से न्यायिक हिरासत में थी। वह अपने ढाई साल के बच्चे के साथ जेल में बंद है। पीठ ने कहा कि दुर्भाग्य से याचिकाकर्ता ओलिस के हाथ में बलि का बकरा बन गई है और उसे केवल संदेह के आधार पर हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए।
अपनी याचिका में खतीजा मेहरीन ने दावा किया कि वह भटकल में पैदा हुई थी और नौनिहाल सेंट्रल स्कूल में पढ़ती थी। उसके कारावास के दौरान भटकल के उसके पति मोहिद्दीन रुकुद्दीन की 22 अप्रैल, 2022 को मौत हो गई।
खतीजा मेहरीन ने आगे कहा कि उसके सात साल, पांच साल के तीन बच्चे थे और सबसे छोटा बच्चा जेल में उसके साथ है।
अदालत ने उसकी याचिका पर विचार करते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता। इसने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसमें अधिकतम पांच साल की कैद है और आईपीसी की धारा के तहत सात साल की कैद है।
अदालत ने फैसला सुनाया, आरोपी पहले ही 1.4 साल से अधिक जेल में बिता चुका है और अगर वह दोषी साबित भी हो जाती है, तो उसे न तो मृत्युदंड मिलेगा और न ही आजीवन कारावास। इसलिए, लंबी अवधि के कारावास की कोई जरूरत नहीं है।
खतीजा मेहरीन को उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल कस्बे में पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया था और कहा था कि वह एक पाकिस्तानी नागरिक है जो 2014 से रह रही है। उन्होंने उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचानपत्र और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए थे।
यह कहा गया था कि उसने कुछ एजेंटों की मदद से देश में प्रवेश किया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद उसे विदेशी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि उसने 2015 में तीन महीने के लिए एक पर्यटक वीजा पर भारत की यात्रा की और अवैध रूप से रही।
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