राजसमंद में श्रीनाथजी मंदिर में 21 तोपों से जन्मोत्सव की शुरुआत
श्रीनाथजी मंदिर में पंचामृत स्नान और विशेष शृंगार के साथ मनाया गया भगवान का जन्मोत्सव
राजसमंद के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पंचामृत स्नान, विशेष शृंगार और 21 तोपों की सलामी के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में गोवर्धन पूजा, श्रीनाथ बैंड की प्रस्तुति और नंदोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए। भीड़ नियंत्रण के लिए दर्शन पास बंद रखे गए और श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश लाइन बनाई गईं।
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राजसमंद। राजसमंद के नाथद्वारा में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीनाथजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उल्लास और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया गया। सुबह पंचामृत स्नान और विशेष शृंगार के बाद रात 12 बजे 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।
जन्माष्टमी की सुबह मंगला दर्शन के दौरान श्रीनाथजी को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से पंचामृत स्नान कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभु को तिलक लगाकर आरती उतारी गई। सेवा क्रम में गोस्वामी तिलकायत राकेश महाराज और विशाल बावा ने प्रभु की सेवा की।
इस अवसर पर श्रीनाथजी को चाकदार केसरिया वस्त्र और मोर चंद्रिका का विशेष दुहरा शृंगार दिया गया। मंदिर के पंड्या परेश नागर ने जन्म पत्रिका का वाचन किया। दोपहर में राजभोग के समय गोवर्धन पूजा चौक में श्रीनाथ बैंड और श्रीनाथ गार्ड की ओर से प्रभु को सलामी दी गई।
शुक्रवार रात 12 बजे मंदिर की छतरी से बिगुल बजा और 21 तोपों की सलामी से जन्म की सूचना दी गई। इससे पूरा नाथद्वारा और आसपास का क्षेत्र जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
शनिवार सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक मंदिर में नंदोत्सव की धूम रहेगी, जिसमें श्रीनाथजी और लालन को सोने के पालने में झुलाया जाएगा। जन्मोत्सव की खुशी में ग्वाल-बाल और श्रद्धालु हल्दी-केसर युक्त दूध और दही से होली खेलेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए 4 और 5 सितंबर को दर्शन पास बंद रखे गए थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश लाइन बनाई गई हैं ताकि सुविधा और सुरक्षा बनी रहे।
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