लुधियाना में 108 मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम
मिनी वृंदावन कहे जाने वाले कस्बे में भक्तिमय माहौल, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे
लुधियाना के मिनी वृंदावन में 108 कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। मंदिरों को आकर्षक झांकियों से सजाया गया है और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ रही है और बाजारों में भगवान की पोशाक और सजावट की वस्तुओं की खरीदारी हो रही है।
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लुधियाना। लुधियाना के मिनी वृंदावन में 108 कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम है। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्व की भांति आयोजित होंगे, जिससे कस्बा भक्तिमय माहौल में डूबा है। इस मौके पर मंदिरों को आकर्षक झांकियों से सजाया गया है और बाजारों में भगवान की सजावट का सामान खूब खरीदा जा रहा है।
तहसीलदार आरएन मिश्रा ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्व की भांति आयोजित होंगे। गुमान बिहारी मंदिर सहित सदर बाजार के कई मंदिरों में झांकियां सजाई गई हैं। कस्बा मिनी वृंदावन के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां 108 कृष्ण मंदिर हैं।
इस्कॉन जनपथ के श्री राधा गोपीनाथ मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जहां शनिवार संध्या 7 बजे से उत्सव मनाया जाएगा। मेले में विविध खाद्य स्टॉल और बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। जीवंत राधा-कृष्ण का सेल्फी पॉइंट श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा।
मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और बाजारों में भगवान की पोशाक, सजावट और मेवा की खरीदारी जोरों पर है।
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में स्थित श्री बृजराज स्वामी मंदिर की खासियत है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ मीरा बाई की प्रतिमा विराजमान है। यह मंदिर देशभर के कृष्ण भक्तों के लिए अलग पहचान रखता है। मंदिर के इतिहास में राजा जगत सिंह की कथा जुड़ी है, जिन्होंने 1629 में चित्तौड़गढ़ से ये मूर्तियां लाईं।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों का स्वरूप पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
यह आयोजन न्यास समिति के सचिव हरिप्रसाद विजयवर्गीय, जयनारायण विजय, संजय गुप्ता और राम भरत मिलाप समिति के संरक्षक बीके विजय, रोहित शारदा, प्रिंस पांडे, प्रिया सिन्हा तथा जितेंद्र बरनवाल सहित कई सदस्यों की सक्रिय भूमिका से सफल बनाया जा रहा है।
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