निवाई में श्याम मंदिर पर भव्य कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और पुष्पों से सजाया गया, श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
निवाई की इंद्रा कॉलोनी स्थित श्याम मंदिर में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया गया, जिसमें विशेष पूजा, भजन संध्या और आतिशबाजी का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जबकि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था भी की गई। आसपास के कई मंदिरों और विद्यालयों में भी जन्माष्टमी समारोह आयोजित किए गए।
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निवाई। निवाई की इंद्रा कॉलोनी स्थित श्याम मंदिर में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य महोत्सव मनाया गया। मंदिर परिसर को वृंदावन के प्रेम मंदिर की थीम पर सजाया गया और कोलकाता से मंगवाए गए फूलों से बाबा श्याम का आकर्षक श्रृंगार किया गया।
श्याम सेवा समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव में मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। मुख्य झिलाय रोड से मंदिर तक विशेष लाइटिंग की गई, जिससे पूरा क्षेत्र आकर्षक नजर आया। भगवान श्री लक्ष्मीनारायण जी की झांकी भी पुष्पों से सजाई गई।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेट लगाकर व्यवस्था की गई। मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई, जिससे दर्शन व्यवस्थित तरीके से हो सके। भक्त कतार में लगकर बाबा श्याम के दर्शन कर रहे थे।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बाबा श्याम का पंचामृत से अभिषेक किया गया और छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती हुई। इसके बाद मंदिर परिसर के बाहर भव्य आतिशबाजी की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
निवाई शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जन्माष्टमी धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाई गई। शहर के कई मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनमें नीलकंठ महादेव मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, रामदरबार, गौशाला, बावड़ी बालाजी मंदिर, चारभुजा मंदिर, राठौड़ तेलियान मंदिर, शिव मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर और नृसिंह मंदिर शामिल हैं।
शहर के कई सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में भी जन्माष्टमी पर्व पर सजीव झांकियां सजाई गईं, जिनमें बालक-बालिकाएं कृष्ण और राधा की वेशभूषा में शामिल हुए।
जन्माष्टमी महोत्सव के तहत रात में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायक देव, हर्ष और स्थानीय कलाकारों ने श्याम भजनों की प्रस्तुति दी। लक्ष्मी मार्केट में श्याम परिवार संस्था की ओर से विशाल भजन संध्या आयोजित की गई, जहां श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में डूबे रहे।
देवली में भी जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। शहर के मंदिरों में सजाई गई झांकियां और भजन संध्या ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर देवली को जिला बनाने की मांग को लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति की ओर से छतरी चौराहे पर विशेष झांकी सजाई गई, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही।
विद्या भारती संस्थान, अजमेर के आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, ब्यावर में भी जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण लीला, कृष्ण-सुदामा मिलन, श्रीकृष्ण-गोपी चित्रण, नंद बाबा व कारागार झांकी का प्रदर्शन किया गया। रासलीला प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं को पुरस्कार भी दिए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र भराडिया, सचिव हेमेंद्र दगदी, प्रधानाचार्य नवीन कुमार सैनी और अन्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विद्यालय सचिव हेमेंद्र दगदी ने सभी आगंतुकों, अभिभावकों और आचार्य परिवार का आभार व्यक्त किया।
श्याम मंदिर को जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर स्वागत द्वार बनाया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई। अर्धरात्रि में भगवान के जन्म होते ही घंटे-घड़ियाल बजने लगे और श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर मंदिर परिसर को गूंजायमान कर दिया।
कृषि मंडी स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में भी विशेष आयोजन हुआ, जहां भजन संध्या में राजू खण्डेलवाल सहित कई गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा भी कई झांकियां सजाई गईं।
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