गोविंदगढ़-रामबास में 142 उम्मीदवार मैदान में, नाम वापसी के आरोप भी
11 सितंबर को मतदान, कांग्रेस विधायक ने भाजपा पर दबाव और धनबल की राजनीति का आरोप लगाया
गोविंदगढ़-रामबास नगर पालिका चुनाव में 142 उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से 36 ने नाम वापस ले लिया। निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार सैन ने भाजपा पर नाम वापसी के लिए दबाव और धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने भी भाजपा पर दबाव और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
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भीलवाड़ा। गोविंदगढ़-रामबास नगर पालिका चुनाव के लिए कुल 142 उम्मीदवार मैदान में हैं। 11 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें पार्षद चुनने के साथ शहर के विकास और लोकतंत्र की दिशा तय होगी। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने भाजपा पर दबाव और धनबल की राजनीति का आरोप लगाया है।
नगर पालिका के 25 वार्डों में कुल 142 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 31 अगस्त तक 222 नामांकन मिले थे, जिनमें से 36 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया। किसी भी वार्ड से कोई भी उम्मीदवार निर्विरोध नहीं चुना गया है।
निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार सैन ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी ने उनके घर 1 लाख रुपए रख दिए ताकि वे नाम वापस लें। रोहित ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी अमित कुमार सारस्वत पिछले 4-5 दिनों से लगातार नाम वापसी का दबाव बना रहे थे। 7 से 7:30 बजे के बीच अमित उनके घर आए और करीब डेढ़ घंटे बातचीत के बाद टेबल पर 1 लाख रुपए रखकर चले गए।
रोहित ने कहा कि पैसे रखने के दौरान उन्होंने वीडियो भी बनाया ताकि उन पर गलत अफवाह न फैले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 1 लाख रुपए बरामद किए। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है।
कांग्रेस विधायक एवं डूंगरपुर जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा ने भाजपा और भारतीय आदिवासी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा संभावित हार से घबराकर दबाव और धनबल की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए, न कि पार्षदों को डराने-धमकाने और खरीद-फरोख्त का सहारा लेना चाहिए।
घोघरा ने भाजपा पर डूंगरपुर में 35 वर्षों से भ्रष्टाचार और मनमानी करने का आरोप लगाया और मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने भारतीय आदिवासी पार्टी को भाजपा की 'सेकंड पार्टी' बताते हुए सवाल किया कि यदि वह आदिवासियों की हितैषी है तो सभी 40 वार्डों में प्रत्याशी क्यों नहीं उतारे।
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