भीलवाड़ा में भाजपा के बागी निर्दलीय बन रहे चुनौती
नगर निगम के 70 वार्डों में 277 प्रत्याशी मैदान में, भाजपा के पुराने कार्यकर्ता भी निर्दलीय
नाम वापसी के बाद भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस नहीं, बल्कि उसके अपने बागी ब
भीलवाड़ा नगर निगम के चुनावों में भाजपा के बागी निर्दलीय उम्मीदवारों ने पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। कुल 277 प्रत्याशियों के बीच करीब 10 से 15 वार्डों में भाजपा के प्रभावशाली कार्यकर्ता निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है। कांग्रेस के कई वार्डों में कमजोर होने के बावजूद बागियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, जिससे परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगने की आशंका है।
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भीलवाड़ा। भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में कुल 277 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के कई पुराने और प्रभावशाली कार्यकर्ता टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं, जिससे भाजपा की राह आसान नहीं दिख रही है।
नाम वापसी के बाद भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस नहीं, बल्कि उसके अपने बागी बनकर उभरे कार्यकर्ता हैं।
नगर निगम के 70 वार्डों में 85 निर्दलीयों के नाम वापस लेने के बाद कुल 277 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें करीब 10 से 15 वार्ड ऐसे हैं जहां भाजपा के पुराने और प्रभावशाली कार्यकर्ता टिकट न मिलने से निर्दलीय बने हैं। इससे भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशियों की राह आसान नहीं है।
कई वार्डों में कांग्रेस का प्रत्याशी कमजोर है या मैदान में नहीं है, फिर भी बागियों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय और बहुकोणीय हो गया है। इससे भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगने की आशंका बढ़ गई है।
पिछले बोर्ड के पार्षद प्रशांत त्रिवेदी, इंदु बंसल, संतोष कंवर, इंदू टाक और लाडदेवी चुनाव में डटे हैं। पूर्व पार्षद शांति लाल डाड और नरेश जाट की पत्नी भी इस बार चुनाव लड़ रही हैं।
कांग्रेस के न होने से भाजपा के लिए सीटें आसान मानी जा रही थीं, लेकिन निर्दलीय राजेंद्र समदानी के मुकाबले को रोचक बना दिया है। वार्ड 31 में भाजपा ने सौरभ तंवर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व भाजपा नेता रमेश सबनानी की बहू को टिकट दिया है।
वार्ड 32 में भाजपा ने निवर्तमान पार्षद ओम पाराशर की पत्नी सुमन का टिकट काटकर हेमराज आचार्य को उम्मीदवार बनाया है। वार्ड 33 में भाजपा प्रत्याशी नेहा जोशी के समर्थन में चार दावेदारों ने नाम वापस लिया, लेकिन पवन कुमार निर्दलीय बने हुए हैं।
वार्ड 35 में भाजपा प्रत्याशी खुशबू शुक्ला को बाहरी उम्मीदवार बताकर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। निवर्तमान पार्षद कैलाश मुंदड़ा के नाम वापस लेने से भाजपा को कुछ राहत मिली है।
वार्ड 39 में भाजपा ने यशवर्धन सेन को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उन्हें बाहरी प्रत्याशी बताए जाने और ओबीसी कार्ड खेलने को लेकर असंतोष है। माहेश्वरी समाज के मुकेश काबरा और किरण मंत्री निर्दलीय हैं, जबकि लखन सोनी भी मुकाबले में हैं।
पूर्व भाजपा पार्षद मंजू चेचाणी और कल्पना तिवारी का प्रभाव इस वार्ड को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। वार्ड 42 में मुकाबला त्रिकोणीय से बहुकोणीय हो गया है। भाजपा ने एबीवीपी से जुड़े युवा रौनक हिंगड़ को उतारा है। कांग्रेस ने पूर्व सभापति ओम नराणीवाल की पत्नी लीला को मैदान में उतारा है, जबकि जैन समाज के संजय कांकरिया और माहेश्वरी समाज के नीरव राठी भी निर्दलीय हैं।
सबसे ज्यादा 9 उम्मीदवार वार्ड 50 से चुनाव लड़ रहे हैं, जो सबसे दिलचस्प मुकाबला बन गया है। नगर निगम के 10 वार्डों में सीधा मुकाबला होगा, जिनमें वार्ड 2, 13, 17, 29, 31, 36, 38, 43, 44 और 54 शामिल हैं।
18 वार्डों में त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा। वार्ड 60 में भाजपा की सुमन ओझा और कांग्रेस के कुलदीप खटीक आमने-सामने हैं। यहां कई दावेदारों ने नाम वापस ले लिए, लेकिन जातीय समीकरण मुकाबले को दिलचस्प बनाए हुए हैं।
वार्ड 61 में भाजपा की पूर्णिमा जैन के सामने निवर्तमान पार्षद शांतिलाल डाड की पत्नी आशा डाड निर्दलीय हैं। आरसी व्यास क्षेत्र में जैन मतदाता भाजपा का मजबूत आधार माने जाते हैं, इसलिए बागी भाजपा के वोटों में सेंध लगा सकते हैं।
वार्ड 62 में सांसद दामोदर अग्रवाल समर्थक गौतम शर्मा भाजपा प्रत्याशी हैं, जबकि कांग्रेस ने पूर्व पार्षद गुडविन मसीह को उतारा है। निर्दलीय सुनील जैन नाम वापस लेना चाहते थे, लेकिन समय निकल जाने से वे मैदान में रह गए। अंकित शर्मा भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और पेचीदा हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति से गोरखपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय टीम में कर्मठ एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। अध्यक्ष विनोद राय ने बताया कि क्षेत्रीय महामंत्री रहे सुनील गुप्ता को क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। सहजानंद राय के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहते सह मीडिया प्रभारी बनाए गए ध्रुव श्रीवास्तव को क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है।
पिछली बार कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित कुल 32 लोग थे, जो इस बार 40 हो चुके हैं। अभी सात पदों की घोषणा बाकी है, जिनमें कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री, सह कार्यालय प्रभारी, मीडिया प्रभारी और सह मीडिया प्रभारी के पद शामिल हैं।
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