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अजमेर में फर्श से उठाए नूडल्स से भुजिया बनाने पर FSSAI ने की कार्रवाई

रूपनगढ़ की सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में नियमों का उल्लंघन पाया गया

अजमेर के रूपनगढ़ इलाके में स्थित सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फर्श से उठाए गए टूटे नूडल्स को दोबारा भुजिया बनाने में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां पाईं और कंपनी
AI सार

अजमेर के रूपनगढ़ में स्थित सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फर्श से उठाए गए टूटे नूडल्स को दोबारा भुजिया बनाने में इस्तेमाल करने के मामले में FSSAI ने जांच कर कार्रवाई शुरू की है। FSSAI ने कंपनी को उत्पादन बंद करने के निर्देश दिए हैं और खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं, साथ ही आगे की नियामकीय और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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एक नज़र में

  • अजमेर के रूपनगढ़ इलाके में सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने फर्श से उठाए गए टूटे नूडल्स को भुजिया बनाने में पुनः इस्तेमाल किया।
  • FSSAI की टीम ने निरीक्षण के दौरान कंपनी में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कई उल्लंघन पाए।
  • कंपनी के पास 'वाई-वाई मा मा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' भुजिया नमकीन बनाने का आवश्यक लाइसेंस नहीं था।
  • FSSAI ने वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तुरंत बंद करने और 32,107.2 किलो से अधिक खाद्य सामग्री जब्त करने के निर्देश दिए।
  • खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए FSSAI की ओर से नियामकीय और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अजमेर में सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर क्या आरोप लगे हैं?
फर्श से उठाए गए टूटे नूडल्स को दोबारा भुजिया बनाने के लिए इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है।
FSSAI ने कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
FSSAI ने वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए और 32,107.2 किलो से अधिक खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं।
क्या कंपनी के पास भुजिया बनाने का आवश्यक लाइसेंस था?
नहीं, कंपनी के पास 'वाई-वाई मा मा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' नाम के भुजिया नमकीन बनाने का आवश्यक लाइसेंस नहीं था।
FSSAI ने भविष्य में क्या कदम उठाएंगे?
पड़ताल के आधार पर आगे की नियामकीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
खाद्य स्वच्छता के क्षेत्र में कौन-कौन सी कमियां पाई गईं?
कीट नियंत्रण रिकॉर्ड ठीक नहीं थे, उत्पादन प्रक्रिया में आवश्यक हीट ट्रीटमेंट का पालन नहीं हुआ, और खाद्य स्वच्छता से जुड़ी दस्तावेजों में भी खामियां पाई गईं।

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अजमेर में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण
अजमेर में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण / सोशल मीडिया

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 अजमेर के रूपनगढ़ इलाके में स्थित सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फर्श से उठाए गए टूटे नूडल्स को दोबारा भुजिया बनाने में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां पाईं और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

एफएसएसएआई की टीम ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और उत्पादन प्रक्रिया की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, फर्श पर गिरे टूटे नूडल्स को दोबारा प्रोसेस कर भुजिया उत्पाद बनाने का मामला सामने आया। इस प्रक्रिया में आवश्यक हीट ट्रीटमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, उत्पादन और बिक्री से जुड़े जरूरी नियमों का उल्लंघन भी पाया गया।

जांच में ‘वाई-वाई मा मा’ और ‘वाई-वाई मामा पुंटे’ नाम से वेज भुजिया नमकीन के निर्माण का मामला भी सामने आया, जिसके लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं था। कीट नियंत्रण से संबंधित रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं मिले और खाद्य स्वच्छता से जुड़े दस्तावेजों में भी कमियां पाई गईं।

एफएसएसएआई ने कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। टीम ने मौके से 32,107.2 किलो से अधिक खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं, जिनमें 1,925 पेटियां अवधि समाप्त हो चुकी तैयार सामग्री भी शामिल है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खुले नूडल्स, वेज भुजिया उत्पाद, तलने वाली लाइन में इस्तेमाल खाद्य तेल और ‘वाई-वाई रेडी टू ईट नूडल्स’ के नमूने लिए हैं। अब इन नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट और निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के आधार पर आगे की नियामकीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि खाद्य निर्माण इकाइयों में कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक हर स्तर पर स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। फर्श पर गिरे खाद्य पदार्थों को दोबारा इस्तेमाल करने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस प्रक्रिया को गंभीरता से लिया गया।

एफएसएसएआई की ओर से संबंधित इकाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ निरीक्षण अभियान भी जारी रहेगा। अजमेर की इस कार्रवाई के बाद खाद्य निर्माण इकाइयों में कच्चे माल, उत्पादन प्रक्रिया और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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Published4 सितंबर 2026, 21:10 IST IST
Last updated4 सितंबर 2026, 21:10 IST IST
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