अजमेर के गांवों में मूंग-उड़द की फसल में रोग से नुकसान
मोजेक रोग के कारण करीब 25 प्रतिशत फसल खराब, किसान चिंतित
अजमेर के मेवदाकला और आसपास के गांवों में मूंग और उड़द की फसल में मोजेक रोग तेजी से फैल रहा है, जिससे उत्पादन लगभग खत्म हो गया है। किसानों ने मांग की है कि नुकसान का सर्वेक्षण किया जाए और बीमा राशि का लाभ वास्तविक खराबे के आधार पर मिले।
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अजमेर। अजमेर के मेवदाकला और आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में मूंग और उड़द की फसल में मोजेक रोग तेजी से फैल रहा है। किसानों का कहना है कि फसल में रोग लगने से खेत खाली होने की स्थिति बन रही है और उत्पादन लगभग खत्म हो गया है।
बारिश और मौसम की मार के बाद अब मोजेक रोग ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मेवदाकला, देवलियाखुर्द, कन्नौज, देवगांव, नयागांव कुमावतो का, मानखंड, रूपनिवास, सलारी, तसवारिया, लसाड़िया, छाबड़िया, मोलकिया और मण्डा समेत आसपास के गांवों में मूंग और उड़द की फसल में रोग तेजी से बढ़ रहा है। कई खेतों में मूंग के पौधों की पत्तियां पीली पड़ गई हैं और कुछ खेतों में हालात इतने खराब हैं कि खड़ी फसल से उत्पादन की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है।
किसान सोजीराम डागा ने बताया, "क्षेत्र में मूंग और उड़द की फसल में रोग लगने से खेत खाली होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।" किसानों का कहना है कि बीमा राशि का लाभ वास्तविक खराबे के आधार पर मिलना चाहिए और उन्होंने मांग की है कि खेत-खेत जाकर नुकसान का सर्वे कराया जाए।
किसानों के अनुसार फसल में रोग और खराबे की सूचना कृषि विभाग और संबंधित बीमा कंपनी के सर्वे प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है। केकड़ी कृषि विस्तार के उप निदेशक रामनिवास जांगिड़ ने बताया कि क्षेत्र में फसल नुकसान का आंकलन करीब 20 से 25 प्रतिशत किया गया है।
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