पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महेंद्र शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
धनखड़ ने शास्त्री के सामाजिक और सहकारिता क्षेत्र में योगदान को याद किया
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अलवर में पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री को उनके सामाजिक योगदान और सहकारिता आंदोलन में भूमिका के लिए श्रद्धांजलि दी। धनखड़ ने शास्त्री के सामाजिक न्याय एवं ओबीसी आरक्षण आंदोलन में सक्रिय सहयोग को याद किया।
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एक नज़र में
- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अलवर में पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- महेंद्र शास्त्री ने राजस्थान में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- शास्त्री ने जाट समाज सहित पांच अन्य जातियों को ओबीसी आरक्षण दिलाने में सहयोग किया।
- सामाजिक न्याय और आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा नहीं हुई और यह व्यापक रूप से सफल रहा।
- धनखड़ ने कहा कि शास्त्री के विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जगदीप धनखड़ ने महेंद्र शास्त्री को किसलिए श्रद्धांजलि अर्पित की?
- उन्होंने महेंद्र शास्त्री के दशकों लंबे सामाजिक योगदान और सहकारिता आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया।
- महेंद्र शास्त्री का सामाजिक कार्य क्या था?
- उन्होंने राजस्थान में सहकारिता आंदोलन को मजबूत किया और ओबीसी आरक्षण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सहकारिता आंदोलन का क्या परिणाम रहा?
- अंदोलन शांतिप्रिय और सफल रहा, जिससे जाट समाज सहित पांच अन्य जातियों को ओबीसी आरक्षण मिला।
- धनखड़ का अलवर दौरा कब हुआ था?
- धनखड़ जून 2026 में भी अपनी पत्नी के साथ अलवर आए थे और इस बार शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के लिए आए।
- शास्त्री के कार्यों का भविष्य में क्या प्रभाव होगा?
- धनखड़ के अनुसार, शास्त्री के विचार, कार्य और सरोकार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
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अलवर। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को अलवर पहुंचे और मुंडावर के पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शास्त्री के दशकों लंबे सामाजिक योगदान और सहकारिता आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया।
शास्त्री का सामाजिक योगदान
धनखड़ ने बताया कि महेंद्र शास्त्री ने राजस्थान में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने सहकारी बैंकों के सफल संचालन के लिए निरंतर प्रयास किए। आंदोलन पूरी तरह शांतिप्रिय और सफल रहा, जिससे जाट समाज सहित अन्य पांच जातियों को ओबीसी आरक्षण मिला। आंदोलन समिति में शास्त्री के साथ राजाराम मील और डॉ. हरि सिंह भी प्रमुख चेहरे थे।
सामाजिक न्याय और आरक्षण आंदोलन
पूर्व उपराष्ट्रपति ने सामाजिक न्याय की लड़ाई का जिक्र करते हुए बताया कि शास्त्री का योगदान केवल सहकारिता तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक न्याय के आंदोलन में भी सक्रिय थे। उन्होंने जाटों को आरक्षण दिलाने में बढ़कर सहयोग दिया। पिछले करीब 25 वर्षों में ओबीसी आरक्षण से समाज के कई वर्गों में बड़ा बदलाव आया है। इस आंदोलन के दौरान हिंसा नहीं हुई और यह व्यापक रूप से सफल रहा।
धनखड़ का अलवर दौरा
धनखड़ इससे पहले जून 2026 में भी अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ अलवर आए थे। इस बार वे शास्त्री के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने आए। उन्होंने कहा कि शास्त्री के विचार, कार्य और सरोकार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे। विद्याधर नगर में आयोजित सम्मेलन का भी जिक्र किया, जिसमें काशीराम और आरिफ अनवर जैसे नेता शामिल थे।
पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री ने कई दशकों तक समाज के लिए बेहतर योगदान दिया है
जगदीप धनखड़, पूर्व उपराष्ट्रपति
समाज शास्त्री जी के योगदान को हमेशा याद रखेगा
जगदीप धनखड़, पूर्व उपराष्ट्रपति
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