लद्दाख के सातों जिलों में बनेगी ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल
उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नई परिषदों के गठन को मंजूरी दी
केंद्र सरकार के निर्णय के बाद लद्दाख के सभी सात जिलों में ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल की स्थापना को उप-राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है, जिससे स्थानीय शासन और विकास को मजबूती मिलेगी। इसके तहत अब लेह और करगिल के अलावा शाम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ंस्कार और द्रास जिलों में भी निर्वाचित हिल काउंसिल बनेगी, जिससे स्थानीय लोगों को विकास और प्रशासन में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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केंद्र सरकार के फैसले के बाद लद्दाख के सभी सात जिलों में अलग-अलग ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC) बनाने की मंजूरी उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दे दी है। यह कदम स्थानीय शासन को मजबूत करने और विकास को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इस मंजूरी के साथ लेह और करगिल के अलावा शाम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ंस्कार और द्रास जिलों में भी निर्वाचित हिल काउंसिल का गठन होगा। इससे पहले यह व्यवस्था केवल दो जिलों तक सीमित थी। उप-राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का इस ऐतिहासिक कदम के लिए धन्यवाद किया।
नई परिषदों के गठन से स्थानीय लोगों को अपने जिलों के विकास और प्रशासन में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर शासन का विकेंद्रीकरण होगा और विकास से जुड़े फैसलों में जनता की भूमिका बढ़ेगी। पांच नए जिलों में यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ये क्षेत्र भौगोलिक रूप से दूर और प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हैं।
इस साल अप्रैल में लद्दाख में पांच नए जिलों का गठन किया गया था, जिससे कुल जिलों की संख्या दो से बढ़कर सात हो गई। हालांकि, निर्वाचित हिल काउंसिल की व्यवस्था अब तक केवल लेह और करगिल तक सीमित थी। 13 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने सभी सात जिलों में एलएएचडीसी व्यवस्था का विस्तार करने का निर्णय लिया था।
अब उप-राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले चरण में इन परिषदों के चुनाव की तैयारी होगी, जिसमें निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। प्रशासन ने कहा है कि सातों परिषदों के चुनाव उचित प्रक्रिया पूरी होने के बाद कराए जाएंगे।
एलएएचडीसी को स्थानीय विकास योजनाओं, प्राथमिकताओं और संसाधनों के उपयोग से जुड़े कई अधिकार प्राप्त हैं। इससे पहले नए जिलों के लोग जिला प्रशासन के स्तर पर अपनी मांगें उठाते थे, लेकिन अब उनके पास अपने जिले के लिए निर्वाचित परिषद होगी जो स्थानीय मुद्दों को संस्थागत रूप से उठाने और विकास योजनाओं को प्राथमिकता देने का माध्यम बनेगी।
लद्दाख में पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय लोगों की संवैधानिक सुरक्षा, भूमि और रोजगार की सुरक्षा तथा राजनीतिक अधिकारों की मांग उठती रही है। इस फैसले से स्थानीय शासन मजबूत होगा और विकास की प्रक्रिया में जनता की भागीदारी बढ़ेगी।
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