दिल्ली पुलिस ने महिला पत्रकारों पर मारपीट के आरोप खारिज किए
पुलिस का कहना है कि महिला पत्रकारों ने गर्भवती पुलिसकर्मी से हाथापाई की
दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पत्रकारों द्वारा वीवीआईपी रूट पर स्कूटर खड़ा करने पर विवाद हुआ, जिसके बाद उन्हें थाने लाया गया और 10 मिनट बाद छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार, महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और मारपीट के आरोप भ्रामक हैं।
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दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस के अनुसार, पत्रकारों ने वीवीआईपी रूट पर स्कूटर खड़ा कर पुलिसकर्मी से विवाद किया। इस घटना के बाद दोनों महिलाओं को थाने लाया गया, लेकिन 10 मिनट में उन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों महिला पत्रकारों ने वीवीआईपी रूट के पास अपना स्कूटर खड़ा कर दिया था, जिससे रास्ते में बाधा उत्पन्न हुई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें वाहन न खड़ा करने का अनुरोध किया, लेकिन वे बहस करने लगीं। इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा बयान गलत है।" उन्होंने बताया कि थाने में महिला पत्रकारों ने स्टाफ के साथ अभद्रता की और एक गर्भवती महिला सबइंस्पेक्टर के साथ हाथापाई की।
महिला पत्रकारों ने वीडियो बनाकर आरोप लगाया था कि उन्हें उनके समुदाय के कारण निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि आरोप पूरी तरह भ्रामक हैं।
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