जालोर में खरीफ फसलों को नुकसान, सरपंच संघ ने अकाल घोषित करने की मांग की
जिले में दो माह से बारिश न होने से फसलों की नमी खत्म, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया
जालोर जिले में खरीफ सीजन में बारिश की कमी के कारण किसानों की फसलें सूखने लगी हैं। जिला सरपंच संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर गिरदावरी शुरू करने और अकाल घोषित करने की मांग की है।
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जालोर। जालोर जिले में 2026-27 के खरीफ मौसम में बारिश की कमी से किसानों की फसलें सूखने लगी हैं। जिला सरपंच संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गिरदावरी शुरू करने और अकाल घोषित करने की मांग की है।
सरपंच संघ ने बताया कि जिले के जालोर, आहोर, सायला, भीनमाल, रानीवाड़ा, बागोड़ा, चितलवाना और सांचौर सहित कई क्षेत्रों में बाजरा, मूंग, तिल, ग्वार, अरंडी, सोनामुखी और मूंगफली समेत अन्य फसलों की बुवाई हुई थी। शुरुआती बारिश के बाद फसलों में अच्छी बढ़वार हुई, लेकिन पिछले दो माह से पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों की नमी समाप्त हो गई है।
यह मामला पिछले 17 दिन से चर्चा में है, जिसमें किसानों को हो रहे नुकसान को लेकर प्रशासन से समाधान की मांग की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किस क्षेत्रों में फसलों की बुवाई हुई है?
- फसलों की बुवाई जालोर, आहोर, सायला, भीनमाल, रानीवाड़ा, बागोड़ा, चितलवाना और सांचौर में हुई है।
- किस फसलों पर बारिश की कमी का असर पड़ा है?
- बाजरा, मूंग, तिल, ग्वार, अरंडी, सोनामुखी और मूंगफली सहित कई फसलों पर असर पड़ा है।
- फसलों की स्थिति क्यों खराब हुई है?
- शुरुआती बारिश के बाद फसलें अच्छी बढ़ीं लेकिन पिछले दो माह से बारिश न होने से खेत सूख गए।
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